Bihar Budget Session 2026: विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही शुरू, थोड़ी देर में होगा राज्यपाल का अभिभाषण; नीट छात्रा केस पर विपक्ष का प्रदर्शन

बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज पहला दिन है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण के बाद आर्थिक सर्वेक्षण पेश होगा। वहीं नीट छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 02 Feb 2026 11:07:04 AM IST

Bihar Budget Session 2026: विधानसभा बजट सत्र की कार्यवाही शुरू, थोड़ी देर में होगा राज्यपाल का अभिभाषण; नीट छात्रा केस पर विपक्ष का प्रदर्शन

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Bihar Budget Session 2026: बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज यानी सोमवार को पहला दिन है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण से हो रही है, जिसमें वे विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे। इस दौरान राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया जाएगा। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सरकार की ओर से आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा, जो प्रदेश की आर्थिक स्थिति, विकास दर, राजस्व, खर्च और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का लेखा-जोखा सामने रखेगा।


बजट सत्र को राज्य की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करेगी। आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर ही आगामी दिनों में पेश होने वाले बजट की दिशा तय होती है। माना जा रहा है कि इस बार के बजट में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया जा सकता है।


हालांकि, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल गरमा गया। विपक्ष ने नीट छात्रा रेप-मौत मामले को लेकर विधानसभा परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक कमरूल होदा हाथ में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि राज्य की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल है।


कांग्रेस विधायक की मांग है कि नीट छात्रा रेप-मौत केस को राज्यपाल के अभिभाषण में शामिल किया जाए, ताकि सरकार इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट स्थिति सदन के सामने रखे। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा लगातार कमजोर होती जा रही है और सरकार ऐसे संवेदनशील मामलों पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रही है।


विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे इस मुद्दे को लेकर पूरे सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति अपनाएंगे। वहीं, सत्तारूढ़ दल की ओर से कहा गया है कि सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह गंभीर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।


कुल मिलाकर, बजट सत्र के पहले ही दिन आर्थिक सर्वेक्षण और राज्यपाल के अभिभाषण के साथ-साथ नीट छात्रा रेप-मौत मामला सियासी बहस का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में सदन के भीतर और बाहर इस मुद्दे पर तीखी चर्चा और हंगामे के आसार हैं।