1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Apr 30, 2025, 7:21:50 PM
एस.सिद्धार्थ का फाइल फोटो - फ़ोटो Google
Bihar Education News: सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापकों-प्रधान शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने झटका दिया है. इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है.
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर सिद्धार्थ ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और मध्यान भोजन के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को पत्र भेजा है. जिसमें कहा है की सभी विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक के स्थान पर किसी अन्य शिक्षक को मध्यान भोजन संचालन का प्रभार दें. इसके लिए पायलेट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है. अपर मुख्य सचिव ने बताया है कि राज्य के 10 जिलों में एमडीएम संचालन व्यवस्थापक एवं सहायक व्यवस्थापक के माध्यम से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जा रहा है. इसकी समीक्षा की गई तो रिजल्ट से पता चला है कि अभी भी प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों का बहुमूल्य समय एमडीएम संचालन में जा रहा है. जिससे विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधि प्रभावित हो रही है.बीच-बीच में विवाद भी उत्पन्न हो रहा है.
प्रत्येक मध्यान भोजन से अच्छादित जिले में एक प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट वाले विद्यालय में प्रधानाध्यापक के स्थान पर अन्य शिक्षक को मध्याह्न भोजन का संचालन का प्रभार दिया जाना है. प्रधानाध्यापक को एमडीएम संचालन से पूर्णतः अलग रखा जाएगा. उनका मुख्य कार्य विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों का सुचारू रूप से संचालन रहेगा. एमडीएम प्रभारी शिक्षक विद्यालय प्रारंभ होने के 1 घंटे के बाद बच्चों की उपस्थिति का फोटोग्राफ लेंगे, संख्या रसोईया को बताएंगे और मध्यान भोजन की तैयारी को देखेंगे.
अपर मुख्य सचिव ने एमडीएम संचालन के पायलट प्रोजेक्ट के संबंध में आठ तरह के दिशा निर्देश दिए हैं. सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि प्रत्येक जिले के एक प्रखंड में पायलट प्रोजेक्ट 13 से 13 जून तक चलाया जाए. इस अवधि में पायलट प्रोजेक्ट का समीक्षा करें. इन प्रखंडों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन के लिए मध्याह्न भोजन प्रभारी शिक्षकों से कार्य लेते हुए प्रधानाध्यापक को इससे अलग रखें.