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BIHAR NEWS : नोट जलाने वाले RWD इंजीनियर विनोद राय पर अब आय से अधिक संपत्ति का केस, 3.38 करोड़ की अवैध संपत्ति उजागर; छापेमारी जारी

BIHAR NEWS : बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक एवं साइबर अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 11, 2025, 11:32:46 AM

Vinod Kumar Rai

Vinod Kumar Rai - फ़ोटो FILE PHOTO

 Bihar Engineer Raid : लाखों रुपये के नोट जलाने वाले ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय की मुश्किलें अभी और बढ़ने वाली हैं।अब इस मामले में आय से अधिक संपति का नया मामला भी जुड़ गया है। अब इस मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक एवं साइबर अपराध प्रकोष्ठ की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई।


विश्वसनीय स्रोतों से मिली सूचना के बाद यह खुलासा हुआ कि विनोद कुमार राय ने अपने ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। छापेमारी के दौरान अब तक 3 करोड़ 38 लाख 46 हजार 892 रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला है, जो उनकी ज्ञात आय का 69.35% अधिक है। आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-24/2025 दिनांक 10.09.2025 दर्ज कराई गई है, जिसमें भा.द.सं. की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 (संसोधित 2018) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


निगरानी विभाग की टीम ने आरा-सदर, आरा-नगर थाना, पटना के लोदीपुर, हनुमाननगर, राजीवनगर, बेउर, खगौल, पाटलिपुत्र कॉलोनी और अन्य स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान बड़ी मात्रा में जमीन-फ्लैट के कागजात, प्रॉपर्टी डीलिंग से जुड़ी फाइलें और बैंक खातों की जानकारी जब्त की गई है। इस कार्रवाई में जांच एजेंसी ने बताया कि विनोद कुमार राय की संपत्ति और लेन-देन का ब्योरा खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जांच में भारी अनियमितताओं के सबूत मिले हैं।


आपको बताते चलें कि,ईओयू को सूचना मिली थी कि इंजीनियर के पास मोटी रकम है, जो वह सीतामढ़ी से लेकर पटना ला रहे हैं। ऐसे में ईओयू को शक है कि यह मोटी रकम कहीं विभागीय कामकाज में हेर-फेर या किसी टेंडर को प्रभावित करके तो नहीं वसूली गई।