Bullet Train: बुलेट ट्रेन से बदल जाएगी बिहार की तस्वीर, नई कनेक्टिविटी और रोजगार के खुलेंगे द्वार; इन जिलों को होगा सीधा लाभ

Bullet Train: केंद्रीय बजट 2026 में वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, जिससे बिहार में यात्रा का समय घटेगा, रोजगार बढ़ेगा और रियल एस्टेट व पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 04 Feb 2026 10:14:01 AM IST

Bullet Train

प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI

Bullet Train: केंद्रीय बजट 2026 में घोषित वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में सामने आई है। यह बुलेट ट्रेन बक्सर, भोजपुर और पटना जैसे जिलों को सीधे लाभान्वित करेगी और यात्रा का समय वर्तमान में 15-17 घंटे से घटाकर लगभग 4 घंटे कर देगी।


परियोजना की मार्ग और स्टेशन योजना

फाइनल सर्वे के अनुसार हाई-स्पीड रेल बिहार में बक्सर से प्रवेश करेगी। इसके बाद यह भोजपुर, पटना, बेगूसराय, कटिहार और किशनगंज से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। संभावित स्टेशनों के माध्यम से इन इलाकों की राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी।


एलिवेटेड ट्रैक और भूमि अधिग्रहण

पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड होगा, जिसे जमीन से 12-15 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा। भोजपुर जिले में बुलेट ट्रेन करीब 50 किलोमीटर लंबाई में 38 गांवों से गुजरेगी, जिसके लिए लगभग 96 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है। एलिवेटेड ट्रैक सड़क यातायात और स्थानीय आवाजाही पर सीमित प्रभाव डालेगा।


आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव

बुलेट ट्रेन परियोजना से बिहार में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट, होटल, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में निवेश बढ़ने की संभावना है। पटना और आसपास के इलाकों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है।


लंबी अवधि में विकास की उम्मीद

हालांकि, बुलेट ट्रेन से बिहार की तकदीर रातों-रात नहीं बदलेगी। यह परियोजना लंबी अवधि में असर दिखाएगी। बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक गतिविधियों और निवेश के जरिए धीरे-धीरे विकास की रफ्तार बढ़ेगी। कुल मिलाकर, वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन बिहार के लिए आशाओं की नई पटरी बिछाएगी, जिस पर भविष्य में विकास की ट्रेन दौड़ेगी।