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IAS ranking Bihar : बिहार की नई IAS सीनियरिटी लिस्ट ने सबको चौंका दिया, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत चौथे नंबर पर, जानिए टॉप पर है किसका नाम...

बिहार में IAS सीनियरिटी लिस्ट 2026 जारी होते ही प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। अंशुली आर्या सबसे वरिष्ठ बनीं, जबकि मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत चौथे स्थान पर हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 8:50:19 AM

IAS ranking Bihar : बिहार की नई IAS सीनियरिटी लिस्ट ने सबको चौंका दिया, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत चौथे नंबर पर, जानिए टॉप पर है किसका नाम...

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IAS ranking Bihar :  बिहार प्रशासनिक हलकों से एक बड़ी खबर सामने आई है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी नई सिविल लिस्ट में राज्य के IAS अधिकारियों की सीनियरिटी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस सूची के अनुसार बिहार कैडर की सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अंशुली आर्या हैं, जो वर्तमान में भारत सरकार के राजभाषा विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।


जारी सूची 1 जनवरी 2026 की स्थिति के आधार पर तैयार की गई है। इस सिविल लिस्ट को अंतिम रूप देने से पहले सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी IAS अधिकारियों से इस पर आपत्ति भी मांगी है। यदि किसी अधिकारी को अपनी सीनियरिटी को लेकर कोई आपत्ति है, तो उसके समाधान के बाद संशोधित सूची जारी की जाएगी।


सूची के अनुसार, बिहार के मौजूदा मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सीनियरिटी में चौथे स्थान पर हैं। यह तथ्य कई लोगों के लिए चौंकाने वाला हो सकता है, क्योंकि आमतौर पर मुख्य सचिव को सबसे वरिष्ठ अधिकारी माना जाता है, लेकिन यहां तीन अधिकारी उनसे ऊपर केंद्रीय सेवाओं में तैनात हैं।


दूसरे स्थान पर संजय कुमार हैं, जो फिलहाल केंद्र सरकार में स्कूली शिक्षा विभाग के सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। वहीं तीसरे स्थान पर के के पाठक हैं, जो भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में विशेष सचिव के पद पर तैनात हैं। ये तीनों अधिकारी वर्तमान में केंद्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं, जिसके कारण राज्य प्रशासनिक ढांचे में उनकी भूमिका प्रत्यक्ष रूप से नहीं दिखती।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के बाद सीनियरिटी में अगला नाम अनिल कुमार का आता है, जो बिहार कैडर के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं। इस तरह राज्य और केंद्र में कार्यरत अधिकारियों के बीच सीनियरिटी का यह संतुलन प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


बिहार कैडर में कुल 316 IAS अधिकारियों की यह सूची जारी की गई है। यह सूची न केवल अधिकारियों की सीनियरिटी तय करती है, बल्कि भविष्य में होने वाली नियुक्तियों, पदस्थापन और प्रमोशन पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। ऐसे में इस सूची को लेकर अधिकारियों के बीच विशेष रुचि देखी जा रही है।


प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि सिविल लिस्ट का यह अपडेट शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इससे अधिकारियों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होती है और वरिष्ठता के आधार पर जिम्मेदारियों का निर्धारण करने में आसानी होती है।


अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस सूची पर कोई आपत्ति दर्ज होती है या नहीं। यदि आपत्तियां आती हैं, तो सामान्य प्रशासन विभाग उन्हें जांचकर अंतिम सूची जारी करेगा। इसके बाद ही सीनियरिटी को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी। कुल मिलाकर, इस नई सिविल लिस्ट ने बिहार प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल जरूर पैदा कर दी है और कई महत्वपूर्ण नामों की स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।