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IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना

भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब भोजन की शिकायत पर IRCTC और कैटरिंग कंपनी पर 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। रेलवे ने गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाए जाने के बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए कैटरिंग कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया। यात्रियो

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 26, 2026, 7:12:56 AM

IRCTC fine : पटना- टाटा वंदे भारत में यात्रियों को परोसा गया खराब खाना, अब रेलवे ने लिया एक्शन; IRCTC और वेंडर पर लगाया लाखों का जुर्माना

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IRCTC fine : भारतीय रेलवे ने यात्रियों की शिकायत पर आईआरसीटीसी और वंदे भारत एक्सप्रेस में खाना परोसने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। रेलवे ने IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि संबंधित कैटरिंग कंपनी पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना ठोकते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने का आदेश दिया गया है। यह कदम रेल मंत्रालय की ओर से यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।


मामला 15 मार्च 2026 का है। ट्रेन संख्या 21896, पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने भोजन की खराब गुणवत्ता की शिकायत दर्ज कराई थी। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम और हाई-स्पीड ट्रेन में इस तरह की लापरवाही को रेल मंत्रालय ने गंभीरता से लिया। शिकायत मिलने के तुरंत बाद रेलवे ने मामले की त्वरित जांच कराई।


जांच में पाया गया कि ट्रेन में परोसा गया भोजन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था। रेलवे बोर्ड ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद IRCTC पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही, फूड सर्विस देने वाली कंपनी के खिलाफ 50 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया और उसका कॉन्ट्रैक्ट समाप्त करने का आदेश भी जारी किया गया।


रेलवे के बयान के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और भोजन की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही या मानकों के उल्लंघन पर रेलवे तुरंत सख्त कदम उठाता है। इस मामले में भी रेलवे ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाएगी।


भारतीय रेलवे, IRCTC के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 15 लाख से अधिक यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराता है। यह दुनिया के सबसे बड़े ऑनबोर्ड फूड नेटवर्क में से एक है। इतने बड़े नेटवर्क में गुणवत्ता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन रेलवे इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इस मामले से यह भी स्पष्ट हो गया कि रेलवे किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा और यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।


रेलवे ने यह भी कहा कि भविष्य में सभी ट्रेन सेवाओं में भोजन की गुणवत्ता को लेकर नियमित निरीक्षण और ऑडिट जारी रहेगा। ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने का हर पैकेज निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि ट्रेन में कोई भी खराब भोजन मिलने की स्थिति में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराई जाए और त्वरित कार्रवाई की जाए।


विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि ट्रेन यात्रा को और अधिक सुरक्षित और संतोषजनक बनाया जा सकेगा। वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड प्रीमियम ट्रेन में गुणवत्ता नियंत्रण और साफ-सफाई बेहद महत्वपूर्ण हैं, और रेलवे इसे सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।


रेलवे की इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि उच्च गुणवत्ता और यात्रियों की संतुष्टि उसके लिए सर्वोपरि है। IRCTC और कैटरिंग कंपनियों के लिए यह चेतावनी भी है कि अगर वे तय मानकों का पालन नहीं करेंगे तो कड़ी कार्रवाई होगी।


यात्रियों की शिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के साथ ही रेलवे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहेगा। इसकी रणनीति में नियमित निगरानी, प्रशिक्षण, और कड़े मानक शामिल हैं ताकि भारतीय रेलवे की सेवाएं विश्वसनीय और सुरक्षित बनी रहें।


इस पूरी घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय रेलवे केवल यात्रा की सुविधा नहीं बल्कि सुरक्षित, स्वस्थ और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन सुनिश्चित करने में भी गंभीर है। यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए रेलवे लगातार सुधार और निगरानी में जुटा हुआ है।