1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Feb 14, 2026, 9:17:03 AM
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के माध्यम से ई-नापी, दाखिल-खारिज और परिमार्जन प्लस जैसी सुविधाओं के लिए स्पष्ट समय सीमा तय कर दी है। अब निर्धारित समय में ही सभी काम निपटाए जाएंगे, जिससे जमीन मालिकों को राहत मिलेगी और बिचौलियों या ऑफिस के चक्कर लगाने की झंझट से छुटकारा मिलेगा।
बिहार सरकार ने सख्त आदेश जारी कर कहा है कि बिना वजह फाइलों को दबाना अधिकारियों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। जमीन मापी की बात करें तो बिना विवाद वाली जमीन 7 दिन और विवाद वाली जमीन की 11 दिन के भीतर मापी करानी होगी।
वहीं बिना विवाद वाले मामले में 14 दिन के भीतर जमीन का दाखिल-खारिज होगा। परिमार्जन की बात करें तो सामान्य गलती वाले मामलों में 15 दिन के भीतर और बड़े मामले 75 दिन के भीतर परिमार्जन प्लस के जरिए परिमार्जन हो सकेगा। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जमीन विवादों का प्रमुख कारण फर्जी डॉक्यूमेंट हैं। ऐसे मामलों में 7 साल तक की जेल का प्रावधान है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले 2 महीनों में ऑनलाइन दाखिल-खारिज का निपटारा 84% हुआ, पहले यह 75% था। लंबित मामले घटकर 16% रह गए। परिमार्जन प्लस का निष्पादन 75% तक हो गया। बिहार में जमीन सर्वे का कार्य 2027 तक पूरा करने का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है।
मार्च महीने से भूमि जनसंवाद कार्यक्रम हर जिले में शुरू किया जाएगा। इसका उद्देश्य जमीन मालिकों को सीधे सुविधा पहुंचाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। इस कदम से जमीन मालिकों को समय पर सेवा और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।