Bihar corruption : बिहार में खुलेंगे 3 नए निगरानी थाने, भ्रष्टाचार पर कसेगा शिकंजा; जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार सख्त

बिहार में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में जल्द ही तीन नए निगरानी थाने खोले जाएंगे। यह फैसला जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लिया गया है, जिससे कार्रवाई तेज होगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 07 Feb 2026 08:16:46 AM IST

Bihar corruption : बिहार में खुलेंगे 3 नए निगरानी थाने, भ्रष्टाचार पर कसेगा शिकंजा; जीरो टॉलरेंस नीति पर सरकार सख्त

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Bihar corruption : बिहार को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य में जल्द ही तीन नए निगरानी थाने खोले जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।


अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के सभागार में आयोजित तृतीय सतर्कता सम्मान समारोह सह कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि राज्य के अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिलों में नए निगरानी थाने खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और कार्रवाई तेजी से की जा सके।


कार्यक्रम का उद्घाटन अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार और पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मल्लिक ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में भ्रष्टाचार उन्मूलन में अहम भूमिका निभाने वाले लोक अभियोजक, धावादल प्रभारी, परिवादी, अनुसंधानकर्ता और सत्यापनकर्ता को सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में इन लोगों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही है।


वहीं, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि विभाग लगातार अपनी उपलब्धियों के नए रिकॉर्ड बना रहा है। उन्होंने बताया कि विभाग की कार्रवाई से भ्रष्टाचारियों में डर का माहौल बना है और शिकायतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि विभाग की प्राथमिकता पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।


अपर मुख्य सचिव ने कहा कि लोगों में बढ़ती जागरूकता के कारण भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद विभाग तेजी से जांच करता है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा और सभी सरकारी विभागों में समान रूप से कार्रवाई की जा रही है।


उन्होंने यह भी बताया कि निगरानी थानों में दर्ज किए जा रहे मामलों में स्पीडी ट्रायल पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रैप कार्रवाई के दौरान जिन लोगों ने शिकायत दर्ज कराने के लिए रुपये दिए थे, वह राशि उनके खातों में वापस भेज दी गई है, जिससे आम लोगों का भरोसा विभाग पर और मजबूत हुआ है।