DCLR office bribe demand : DCLR ऑफिस में ‘केस नंबर’ के नाम पर रिश्वत की डिमांड, VIDEO वायरल होते ही DM का बड़ा एक्शन

मुजफ्फरपुर में डीसीएलआर कार्यालय में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीएम सुब्रत कुमार सेन ने जांच के बाद संविदा कर्मी को सेवा से बर्खास्त कर भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 07 Feb 2026 08:50:05 AM IST

DCLR office bribe demand : DCLR ऑफिस में ‘केस नंबर’ के नाम पर रिश्वत की डिमांड, VIDEO वायरल होते ही DM का बड़ा एक्शन

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DCLR office bribe demand : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का स्पष्ट संदेश दिया है। जिलाधिकारी (डीएम) सुब्रत कुमार सेन ने राजस्व भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) पश्चिमी कार्यालय में कार्यरत एक संविदा कर्मी को रिश्वत लेने के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया है। सोशल मीडिया पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच कर कार्रवाई की, जिससे सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मच गया है।


3 फरवरी की बताई जा रही घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला 3 फरवरी का है। डीसीएलआर पश्चिमी न्यायालय में संविदा पर कार्यरत क्लर्क राकेश कुमार पर आरोप है कि वह फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए लोगों से अवैध रूप से पैसे की मांग करता था। बताया जा रहा है कि एक जमीन संबंधी केस में ‘केस नंबर’ देने और ‘नोटिस’ जारी करने के एवज में राकेश कुमार ने आवेदक पक्ष से रिश्वत की मांग की थी।


आरोप है कि जब बिना पैसे दिए काम आगे नहीं बढ़ाया गया, तब संबंधित पक्ष से जुड़े एक अधिवक्ता को मजबूरी में उसे पैसे देने पड़े। इसी दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को चुपके से अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें क्लर्क को स्पष्ट रूप से पैसे लेते और फाइल पर चर्चा करते हुए देखा जा सकता था।


वायरल वीडियो के बाद प्रशासन में मचा हड़कंप

वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए। विभागीय स्तर पर कराई गई जांच में वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से पाया गया कि संविदा कर्मी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध उगाही की थी।


डीएम ने लिया सख्त फैसला

जांच रिपोर्ट सामने आते ही जिलाधिकारी ने बिना देरी किए कड़ी कार्रवाई करते हुए राकेश कुमार की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया। डीएम ने कहा कि संविदा की शर्तों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।


उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। किसी भी कर्मी या अधिकारी द्वारा आम जनता को परेशान करना या रिश्वत की मांग करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


डीएम की इस त्वरित कार्रवाई से कलेक्ट्रेट सहित जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में हलचल देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई से सरकारी तंत्र में व्याप्त बिचौलिया संस्कृति और रिश्वतखोरी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। कई कर्मियों के बीच इस घटना के बाद भय का माहौल भी देखा जा रहा है।


इधर, स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने डीएम की कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में काम कराने के लिए रिश्वत देना आम बात हो गई थी, जिससे आम जनता परेशान रहती थी। इस कार्रवाई से लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और उम्मीद जगी है कि भविष्य में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।


जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में उनसे रिश्वत मांगी जाती है या काम में अनावश्यक बाधा उत्पन्न की जाती है, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी और त्वरित कार्रवाई की जाएगी।