1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 12 Feb 2026 03:45:20 PM IST
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REVENUE DEPARMENT UPDATE: बिहार में जमीन खरीद-बिक्री को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एक अप्रैल से राज्य में जमीन का नया मार्केट वैल्यू रेट यानी एमवीआर लागू होने जा रहा है। करीब 13 साल बाद यह बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नए रेट लागू होते ही जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी। कई जगहों पर दर चार से पांच गुना तक बढ़ सकती है।
अभी कई इलाकों में सरकारी रेट और बाजार भाव में काफी अंतर है। लोग बाजार में ज्यादा कीमत पर जमीन खरीदते हैं, लेकिन रजिस्ट्री कम दर पर होती है। इसी अंतर को खत्म करने के लिए सरकार ने एमवीआर में बदलाव करने का फैसला लिया है।
नए नियम के तहत शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जमीन की नई दरें तय की जा रही हैं। शहरों के मुख्य बाजार, चौक-चौराहों और व्यावसायिक इलाकों में ज्यादा बढ़ोतरी होगी। गांवों में भी कृषि भूमि, सड़क किनारे की जमीन और व्यावसायिक उपयोग वाली जमीन के रेट बढ़ेंगे।
जमीन का नया वर्गीकरण भी किया गया है। गांवों में जमीन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है जैसे आवासीय, कृषि, सिंचित, असिंचित, सड़क किनारे और व्यावसायिक भूमि। शहरों में भी मकान और दुकान के हिसाब से अलग रेट तय होंगे। भवन और पक्के निर्माण की कीमतों में भी बदलाव किया जाएगा।
सरकार को जमीन निबंधन से हर साल अच्छी-खासी आमदनी होती है। उम्मीद है कि नए रेट लागू होने से राजस्व और बढ़ेगा। इससे विकास कार्यों में भी मदद मिलेगी। विभाग की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और मंजूरी मिलते ही नया रेट लागू कर दिया जाएगा।
बांका जिले में ज्यादा बढ़ेगी दर
इस बदलाव का ज्यादा असर बांका जिले में देखने को मिलेगा। यहां नगर परिषद, नगर पंचायत और सभी राजस्व गांवों के लिए नए रेट का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। बांका शहर के गांधी चौक के पास अभी जमीन का एमवीआर करीब साढ़े छह लाख रुपये प्रति डिसमल है। नया रेट लागू होने के बाद यह करीब 25 लाख रुपये प्रति डिसमल तक पहुंच सकता है। वहीं कटोरिया और चांदन इलाके में खेत की जमीन का रेट दो से चार हजार रुपये प्रति डिसमल से बढ़कर 15 से 20 हजार रुपये प्रति डिसमल तक हो सकता है।
जिला अवर निबंधक पदाधिकारी के अनुसार, मौजूदा एमवीआर बाजार भाव से काफी कम है। नए वित्तीय वर्ष में इसमें करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। साफ है कि एक अप्रैल के बाद जमीन खरीदना पहले से महंगा पड़ेगा। इसलिए जो लोग जमीन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए रेट का ध्यान रखना होगा।