1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 15, 2026, 7:58:23 AM
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PACS Election Bihar : बिहार में प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के चुनाव को लेकर बड़ी घोषणा कर दी गई है। इलेक्शन कमेटी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य के दो दर्जन जिलों के कुल 436 पैक्सों में 18 मार्च को मतदान कराया जाएगा। खास बात यह है कि मतदान और मतगणना दोनों एक ही दिन होगी, जिससे परिणाम के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 6 और 7 मार्च से होगी।
चुनाव कार्यक्रम के तहत नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद 9 और 10 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच यानी स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद 11 मार्च को नाम वापस लेने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। 18 मार्च को सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदान होगा और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन वोटों की गिनती कर परिणाम घोषित कर दिया जाएगा।
इन चुनावों में मैनेजमेंट कमिटी के पदों पर आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। एससी-एसटी वर्ग के लिए दो सीटें, पिछड़ा वर्ग के लिए दो सीटें तथा अति पिछड़ा वर्ग के लिए भी दो सीटें आरक्षित रहेंगी। इन आरक्षित सीटों में से आधी यानी 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित रखी गई हैं। इससे महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
जिन जिलों में पैक्स चुनाव कराया जाएगा, उनमें अररिया, औरंगाबाद, कटिहार, कैमूर, खगड़िया, जहानाबाद, दरभंगा, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, रोहतास, लखीसराय, समस्तीपुर, सहरसा, सारण, सीतामढ़ी, सिवान और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में स्थित पैक्स समितियों में मतदान कराया जाएगा।
अगर सीटों की संख्या की बात करें तो सबसे अधिक पैक्सों में चुनाव अररिया जिले में होगा, जहां 70 सीटों पर मतदान होगा। इसके बाद मधुबनी में 69 और भागलपुर में 64 पैक्सों में चुनाव कराया जाएगा। वहीं सिवान में 37, कटिहार में 22, सुपौल में 21 और सारण में 20 पैक्सों में वोट डाले जाएंगे। खगड़िया और बांका में दो-दो पैक्सों में चुनाव होगा, जबकि मुजफ्फरपुर में केवल एक पैक्स में मतदान कराया जाएगा।
पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। किसानों को कर्ज, खाद-बीज और अन्य कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने में इन समितियों की बड़ी भूमिका होती है। कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन्हीं समितियों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाता है। इसी वजह से इन चुनावों को स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराया जाए। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। एक ही दिन मतदान और मतगणना होने से चुनाव परिणाम को लेकर उत्सुकता बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी माहौल तेज होने लगा है।