1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 30, 2026, 9:13:02 AM
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BIHAR JOB : बिहार सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और राज्य पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्पेशल आक्ज़िलरी पुलिस (SAP) में 17,000 जवानों को अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त करने की मंजूरी दे दी है। इस नियुक्ति योजना में केवल सेवानिवृत्त सैनिक ही नहीं, बल्कि अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को भी शामिल किया जाएगा। यह कदम बिहार पुलिस की छापेमारी क्षमता बढ़ाने और उग्रवादियों एवं संगठित अपराधियों के विरुद्ध सक्रिय अभियान चलाने के उद्देश्य से लिया गया है।
स्पेशल आक्ज़िलरी पुलिस (SAP) की भर्ती परंपरागत रूप से मुख्य रूप से सेवानिवृत्त सैनिकों तक ही सीमित रहती थी। लेकिन अब सरकार ने इस नीति में बदलाव किया है और अर्धसैनिक बलों के रिटायर्ड जवानों को भी इस अवसर का लाभ लेने का अधिकार दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से न केवल SAP की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि अनुभवी और प्रशिक्षित जवानों की मौजूदगी से पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होगी।
SAP का मुख्य उद्देश्य उग्रवादी गतिविधियों और संगठित अपराध के मामलों में तेजी से कार्रवाई करना है। राज्य पुलिस विभाग ने बताया कि SAP के जवानों का इस्तेमाल छापेमारी, अपराधियों की गिरफ्तारी, सुरक्षा निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता है। इस नए नियुक्ति कार्यक्रम के बाद पुलिस विभाग को प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की बड़ी संख्या उपलब्ध होगी, जिससे अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी बनेगी।
सरकार ने सिर्फ SAP की ही नहीं, बल्कि शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में भी सुधार और विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मंत्रिमंडल ने नवगठित उच्च शिक्षा विभाग के संचालन के लिए 161 नए पदों के सृजन की मंजूरी दी है। इन पदों के माध्यम से विभाग में अधिक प्रभावी प्रशासनिक कार्यवाही और नीति निर्माण संभव होगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा प्रणाली को और मजबूत करने और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इसके अलावा, भूमि सुधार से संबंधित मामलों में तेजी लाने के लिए अनुमंडल स्तर पर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के 101 पदों को अनुमंडल राजस्थान अधिकारी के नाम से करने की मंजूरी दी गई है। हर अनुमंडल के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता के 101 नए पदों का सृजन भी किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, भूमि सुधार विभाग में नए पदों के सृजन से लोगों को भूमि संबंधित मामलों में जल्द और पारदर्शी सेवा मिलेगी। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवादों के निपटान में सहायता करेगा।
राज्य सरकार की इन पहलों से स्पष्ट है कि सुरक्षा, प्रशासन और शिक्षा सभी क्षेत्रों में सुधार लाने का उद्देश्य है। SAP में अनुबंध पर नियुक्त जवानों की संख्या बढ़ाने से राज्य पुलिस की छापेमारी क्षमता मजबूत होगी और अर्धसैनिक बलों के अनुभवी जवानों की मौजूदगी से कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। वहीं, भूमि सुधार और उच्च शिक्षा विभाग में नए पदों के सृजन से प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और जनता को त्वरित सेवा मिलेगी।
बिहार के गृह विभाग और पुलिस विभाग के अधिकारी मानते हैं कि SAP में अनुबंध पर नियुक्ति का यह बड़ा कदम राज्य की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से ऐतिहासिक महत्व का है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस भर्ती प्रक्रिया की रूपरेखा और पात्रता मानदंड सार्वजनिक किए जाएंगे। इस योजना के लागू होने से राज्य में सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक मजबूत संदेश जाएगा और नागरिकों की सेवा में भी तेजी आएगी।
कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह निर्णय न केवल पुलिस बल और प्रशासनिक विभागों की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य के कानून व्यवस्था और विकास की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा। SAP में 17,000 अनुबंधित जवानों की नियुक्ति और अन्य प्रशासनिक पदों का सृजन राज्य सरकार की कार्यकुशलता और जनता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।