Bihar ration card : बिहार में राशन कार्डधारकों पर सख्त कार्रवाई, 11,300 कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू; जानिए क्या है वजह

Bihar ration card : बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर में अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 22 Jan 2026 03:41:16 PM IST

Bihar ration card : बिहार में राशन कार्डधारकों पर सख्त कार्रवाई, 11,300 कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया शुरू; जानिए क्या है वजह

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Bihar ration card : बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए राज्यभर में अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार से प्राप्त डेटा के आधार पर राज्य के विभिन्न जिलों में समीक्षा के बाद लगभग 11,300 राशन कार्डधारकों की पहचान की गई है, जो निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र नहीं पाए गए। इन सभी कार्डों को रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।


केंद्र के निर्देश पर हुई समीक्षा

केंद्र सरकार के निर्देश पर बिहार के बक्सर में राशन कार्डधारकों की सूची का क्रॉस-चेक किया गया। जांच में ऐसे कई लाभुक सामने आए, जो आयकरदाता, उच्च आय वर्ग, सरकारी कर्मचारी, जीएसटी रिटर्न फाइल करने वाले, चारपहिया वाहन मालिक, पीएम किसान योजना के लाभार्थी आदि हैं, फिर भी राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे।


अनुमंडल पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई भारत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर उनके राशन कार्ड निरस्त करने से पीडीएस प्रणाली मजबूत होगी और असली जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।


कहां कितने कार्ड रद्द होंगे?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अपात्र राशन कार्डों की संख्या इस प्रकार है,सदर प्रखंड: 1,840, नगर परिषद: 850,चौसा: 1,160, इटाढ़ी: 3,270, राजपुर: 4,110 कुल मिलाकर 11,300 से अधिक कार्ड रद्द किए जाने की प्रक्रिया जारी है।


पीडीएस में सुधार की दिशा में बड़ा कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से राज्य में पीडीएस की विश्वसनीयता बढ़ेगी। अपात्र कार्डधारकों के हटने से सरकारी अनाज की उपलब्धता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचने की संभावना बढ़ेगी। केंद्र सरकार के डेटा के आधार पर लाभार्थियों की जांच से यह भी पता चला है कि कई ऐसे परिवार जिनकी आय निर्धारित सीमा से अधिक है या जो सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं, वे भी राशन कार्ड का लाभ ले रहे थे।


आगे की प्रक्रिया क्या है?

राज्य के प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को अपात्र लाभुकों की सूची तैयार कर कार्ड निरस्तीकरण की प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने का निर्देश दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि वह पात्र है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन कर सकता है। हालांकि, अपात्र पाए जाने पर कार्ड रद्द करने की कार्रवाई जारी रहेगी। बिहार में अपात्र राशन कार्डधारकों के खिलाफ यह अभियान सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाने और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्यभर में चल रहे इस अभियान से उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं की संख्या में कमी आएगी और लाभार्थी केवल उन्हीं को मिलेगा जो वास्तव में पात्र हैं।