Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, मुठभेड़ में एक करोड़ के इनामी समेत 16 नक्सली ढेर

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए। यह कार्रवाई 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत की गई।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Thu, 22 Jan 2026 02:55:11 PM IST

Jharkhand Naxal Encounter

नक्सलियों के खिलाफ बड़ा एक्शन - फ़ोटो Google

Jharkhand Naxal Encounter: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के नक्सल प्रभावित सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई है। यह मुठभेड़ किरीबुरू और छोटानागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत कुमडी इलाके में हुई, जिसमें एक इनामी नक्सली समेत कुल 16 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की है, जबकि हताहतों से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।


सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल दा सहित अब तक 16 नक्सली ढेर किए जा चुके हैं। कई नक्सलियों के शव भी बरामद किए गए हैं। ऑपरेशन में कोबरा बटालियन की 203, 205 और 209 यूनिट के साथ-साथ सीआरपीएफ की कई बटालियन के जवान शामिल हैं। पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी है।


इसके अलावा जरायकेला थाना क्षेत्र के सामठा इलाके से भी एक नक्सली के मारे जाने की सूचना मिली है। मुठभेड़ की शुरुआती जानकारी कुमडी इलाके से सामने आई थी, जिसके बाद आसपास के जंगल क्षेत्रों में भी फायरिंग की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अंतिम आंकड़ों की पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन सुरक्षाबलों को इस अभियान में बड़ी सफलता मिलने की बात कही जा रही है।


यह ऑपरेशन केंद्र सरकार के वर्ष 2026 तक देश को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत चलाया जा रहा है। खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने सारंडा के दुर्गम जंगलों में घेराबंदी कर नक्सलियों की फायरिंग का करारा जवाब दिया।


गौरतलब है कि सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है, जहां कई इनामी नक्सली नेता सक्रिय हैं। हाल ही में चाईबासा में सीआरपीएफ डीजी की अध्यक्षता में हुई एक विशेष बैठक में नक्सलियों के खिलाफ ठोस रणनीति तैयार की गई थी। इसी के बाद झारखंड और ओडिशा से भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।


जहां छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में नक्सली सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा क्षेत्र में अब तक ऐसी कोई बड़ी पहल देखने को नहीं मिली है। ऐसे में कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्रों में चल रहे अभियानों से संकेत मिल रहे हैं कि सुरक्षाबल नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं।