1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 15, 2026, 12:17:14 PM
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Bihar Highway News : बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की कई प्रमुख जिला सड़कों को अब स्टेट हाईवे में बदला जाएगा। इस योजना के तहत करीब 3000 किलोमीटर लंबी मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर) को राज्य उच्च पथ घोषित करने की तैयारी चल रही है। इस फैसले से राज्य में यात्रा तेज, सुरक्षित और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिहार सरकार परिवहन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ‘तीन घंटे में पटना’ विजन को ध्यान में रखते हुए पथ निर्माण विभाग ने इस परियोजना को प्राथमिकता दी है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के किसी भी जिले से राजधानी पटना तक पहुंचना आसान और तेज बनाया जाए।
पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने बताया कि स्टेट हाईवे की लंबाई बढ़ाने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी और माल ढुलाई तथा व्यापारिक परिवहन को भी गति मिलेगी। वर्तमान में बिहार में मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड की लंबाई सबसे अधिक है, जबकि स्टेट हाईवे की लंबाई अपेक्षाकृत कम है। पिछले वर्षों में कई स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे में अपग्रेड कर दिया गया था, जिसके कारण राज्य उच्च पथ नेटवर्क छोटा हो गया था। अब सरकार इस असंतुलन को दूर करने के लिए नई योजना लागू कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में नेशनल हाईवे की कुल लंबाई लगभग 6392 किलोमीटर है, जबकि स्टेट हाईवे की लंबाई मात्र 3617 किलोमीटर ही है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य के अंदर बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मजबूत स्टेट हाईवे नेटवर्क बेहद जरूरी है। इस योजना से जिलों के बीच आवागमन आसान होगा और ग्रामीण क्षेत्रों का भी तेजी से विकास संभव हो सकेगा।
सड़क को स्टेट हाईवे का दर्जा देने के लिए सख्त मानकों का पालन किया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, सड़क निर्माण और डिजाइन इंडियन रोड कांग्रेस के दिशा-निर्देशों के आधार पर किए जाएंगे। केवल वही सड़कें चयनित होंगी जो राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ती हों, दो राष्ट्रीय राजमार्गों के बीच लिंक का काम करती हों या प्रमुख शहरों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करती हों।
नई स्टेट हाईवे सड़कों की चौड़ाई कम से कम दो लेन यानी लगभग सात से साढ़े सात मीटर रखी जाएगी। साथ ही भविष्य में सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता को देखते हुए पहले से ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे आने वाले समय में बढ़ते ट्रैफिक के बावजूद यातायात प्रभावित नहीं होगा।
बताया जा रहा है कि विभाग पहले भी कुछ सड़कों की सूची तैयार कर चुका था, लेकिन उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान कई सड़कें तय मानकों पर खरी नहीं उतर सकीं, जिसके बाद सूची वापस कर दी गई थी। अब विभाग नई सूची तैयार कर रहा है और सख्त जांच के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस योजना के लागू होने से बिहार का आंतरिक सड़क नेटवर्क मजबूत होगा और राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।