UPSC Success Story : पटना पुलिस की नई पहल, इस थाने को मिली पहली महिला IPS थानेदार; जानिए क्या है नाम और कहां से पूरी हुई पढ़ाई

महिला दिवस के मौके पर पटना पुलिस ने बड़ी पहल करते हुए 2023 बैच की IPS सुष्मा सागर को गौरीचक थाने का थानेदार बनाया है। जानिए उनकी प्रेरणादायक UPSC सफलता की कहानी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 09, 2026, 11:29:08 AM

UPSC Success Story : पटना पुलिस की नई पहल, इस थाने को मिली पहली महिला IPS थानेदार; जानिए क्या है नाम और कहां से पूरी हुई पढ़ाई

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UPSC Success Story : पटना में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पटना पुलिस की ओर से एक अहम और प्रेरणादायक पहल की गई है। 8 मार्च को पटना के गौरीचक थाना में पहली बार एक महिला आईपीएस अधिकारी को प्रशिक्षण के तहत थानेदार के रूप में तैनात किया गया है। बिहार कैडर की 2023 बैच की आईपीएस अधिकारी सुष्मा सागर को गौरीचक थाने की कमान सौंपी गई है। इस फैसले को महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


दरअसल, पटना पुलिस लगातार प्रशासनिक व्यवस्था में नए प्रयोग कर रही है। इसी कड़ी में महिला अधिकारियों को नेतृत्व की भूमिका देने की पहल की गई है। इससे न सिर्फ पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी बल्कि समाज में भी सकारात्मक संदेश जाएगा। महिला दिवस के अवसर पर लिया गया यह निर्णय कई मायनों में खास माना जा रहा है।


जानकारी के मुताबिक इससे पहले गौरीचक थाने में ट्रेनी डीएसपी विनय कुमार थानेदार के रूप में पदस्थापित थे। अब उन्हें प्रशिक्षण के तहत रानीतालाब थाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सुष्मा सागर को गौरीचक थाना सौंपा गया है ताकि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुभव मिल सके।


पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों अधिकारियों का यह स्थानांतरण प्रशिक्षण प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को बेहतर प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए अलग-अलग थानों में तैनाती दी जाती है। इससे अधिकारियों को क्षेत्रीय स्तर पर कानून व्यवस्था संभालने का अनुभव मिलता है।


सुष्मा सागर की कहानी भी काफी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने तमाम चुनौतियों और संघर्षों के बीच अपनी मेहनत और लगन के दम पर सिविल सेवा में सफलता हासिल की है। सुष्मा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा शहर की रहने वाली हैं। उनका परिवार आगरा के बुढ़ी ओम नगर इलाके में रहता है।


सुष्मा सागर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई आगरा के दयालबाग स्थित प्रेम विद्यालय से पूरी की। उन्होंने वहीं से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने दयालबाग यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था और उन्होंने उसी दिशा में मेहनत शुरू कर दी।


सिविल सेवा की तैयारी के दौरान सुष्मा को कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ा। साल 2019 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी थी। उस समय उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स दोनों परीक्षाएं पास कर ली थीं, लेकिन इंटरव्यू में वह सफल नहीं हो सकीं। हालांकि इस असफलता ने उन्हें निराश नहीं किया और उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।


दिल्ली में रहकर उन्होंने करीब दो साल तक सिविल सेवा की तैयारी की। इसी दौरान उन्होंने कठिन परिश्रम और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा। बाद में उन्होंने नौकरी के साथ ही यूपीएससी की तैयारी जारी रखी। वह रोजाना तीन से चार घंटे पढ़ाई के लिए समय निकालती थीं।


आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और यूपीएससी 2022 की परीक्षा में उन्होंने 733वीं रैंक हासिल कर सिविल सेवा में सफलता प्राप्त की। इसके बाद उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में चयन मिला और उन्हें बिहार कैडर आवंटित किया गया।


आज सुष्मा सागर की तैनाती पटना के गौरीचक थाने में प्रशिक्षण के तहत थानेदार के रूप में हुई है। महिला दिवस के अवसर पर उनकी यह जिम्मेदारी न सिर्फ पुलिस विभाग के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणादायक संदेश है। यह पहल दिखाती है कि महिलाएं अब प्रशासन और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में भी मजबूती से नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। पटना पुलिस की इस पहल को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और भी महिलाओं को प्रशासनिक सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।