1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 16, 2026, 7:37:38 AM
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Katihar fire incident : बिहार के कटिहार जिले के कुर्सेला प्रखंड स्थित हटिया बाजार में रविवार देर रात सिलेंडर ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई। इस भयावह हादसे में 500 से अधिक दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गईं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस आगजनी में कारोबारियों को करीब 10 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना की शुरुआत एक होटल में गैस सिलेंडर फटने से हुई। बताया जा रहा है कि रात के समय अचानक तेज धमाका हुआ और उसके बाद आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें लगभग 2 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रही थीं। घना धुआं फैलने से लोगों को सांस लेने में भी परेशानी होने लगी।
हादसे में कपड़े, मसाले, किराना, सब्जी समेत कई प्रकार की दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। बाजार में लगी कई रेहड़ी और ठेला दुकानें भी आग की भेंट चढ़ गईं। आग लगते ही स्थानीय लोगों ने बाल्टी, पाइप और अन्य संसाधनों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।
घटना के समय मौजूद प्रत्यक्षदर्शी विनोद ठाकुर ने बताया कि लगातार सिलेंडर ब्लास्ट हो रहे थे, जिससे स्थिति और भयावह होती जा रही थी। उन्होंने कहा कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागना पड़ा। वहीं कपड़ा दुकानदार अनिल कुमार ने बताया कि उन्हें आग लगने की जानकारी तक नहीं मिली और देखते ही देखते उनकी पूरी दुकान जलकर राख हो गई। सब्जी विक्रेता विवेक ने भी बताया कि आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा था और लोग अपनी दुकानें छोड़कर जान बचाने में जुट गए।
कुर्सेला बाजार के कारोबारी चंदन कुमार साह ने बताया कि शाम करीब 7 बजे होटल में सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। जब वे दुकान से बाहर निकले तो चारों तरफ आग फैल चुकी थी। वहीं एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी राजेश कुमार ने दावा किया कि आग में 500 से अधिक दुकानें जलकर खाक हो गईं और भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
आग लगने के बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि दमकल की टीम समय पर नहीं पहुंच सकी। लोगों का कहना है कि सूचना देने के लगभग एक घंटे बाद छोटी दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची, जो संकरे रास्ते की वजह से घटनास्थल तक सही तरीके से नहीं पहुंच सकी। इसके कारण आग पर काबू पाने में काफी देर लगी।
करीब 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की मदद से आग पर नियंत्रण पाया जा सका। घटना की सूचना मिलने के बाद जदयू विधायक विजय सिंह निषाद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन से संपर्क कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि संकरे रास्ते के कारण दमकल वाहनों को अंदर पहुंचने में परेशानी हुई, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए रास्तों को चौड़ा और साफ रखने की योजना बनाई जाएगी। प्रशासन ने एंबुलेंस और पुलिस बल को भी मौके पर तैनात कर दिया है।
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल जले हुए दुकानों का सर्वे कराया जा रहा है ताकि नुकसान का सही आकलन किया जा सके और प्रभावित व्यापारियों को सहायता दी जा सके। आग के बाद किसी भी संभावित शॉर्ट सर्किट से बचने के लिए रात में बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है। बिजली विभाग की टीम जांच के बाद ही आपूर्ति बहाल करेगी।