1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 14, 2026, 7:05:18 AM
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Bihar News : बिहार को आज अपना नया राज्यपाल मिलने जा रहा है। सेना से सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल Syed Ata Hasnain शनिवार को पटना में राज्यपाल पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे Lok Bhawan Patna में आयोजित किया जाएगा। उन्हें K. Vinod Chandran, मुख्य न्यायाधीश Patna High Court, पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
इस महत्वपूर्ण समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar, उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary और Vijay Kumar Sinha सहित कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। आजादी के बाद सैयद अता हसनैन बिहार के 43वें राज्यपाल बनेंगे।
गुरुवार को ही पटना पहुंचे थे हसनैन
नवनियुक्त राज्यपाल सैयद अता हसनैन गुरुवार को ही पटना पहुंच गए थे। एयरपोर्ट पर प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि उनके लंबे सैन्य अनुभव और रणनीतिक सोच का लाभ राज्य को कई स्तरों पर मिल सकता है।
सेना में 40 वर्षों तक दी सेवा
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित अधिकारियों में गिने जाते हैं। उन्होंने करीब 40 वर्षों तक भारतीय सेना में सेवा दी और इस दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। अपने सैन्य करियर के दौरान उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर में कई अहम पदों पर कार्य किया। वहां की जटिल सुरक्षा परिस्थितियों में उन्होंने रणनीतिक नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण के साथ काम किया, जिसके कारण वे सेना और सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच काफी सम्मानित माने जाते हैं।
कश्मीर में सामाजिक पहल के लिए भी जाने जाते हैं
सैयद अता हसनैन को केवल सैन्य रणनीति ही नहीं, बल्कि सामाजिक पहल के लिए भी जाना जाता है। जम्मू-कश्मीर में तैनाती के दौरान उन्होंने सेना के सहयोग से कई सामाजिक कार्यक्रम शुरू कराए। इन पहलों में युवाओं के लिए शिक्षा, खेल और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम शामिल थे। इन प्रयासों का उद्देश्य कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ना और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था। उनकी इसी सोच के कारण उन्हें एक संवेदनशील और दूरदर्शी सैन्य अधिकारी के रूप में भी पहचाना जाता है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी निभाई राष्ट्रीय जिम्मेदारियां
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी सैयद अता हसनैन राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े रहे। उन्हें National Disaster Management Authority (NDMA) का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े कई अहम फैसलों और नीतियों में योगदान दिया। आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका अनुभव सरकार के लिए भी काफी उपयोगी माना जाता रहा है।
बिहार को फिर मिला मुस्लिम राज्यपाल
बिहार में राज्यपाल पद को लेकर पिछले कुछ समय से बदलाव का दौर जारी है। इससे पहले 25 दिसंबर 2024 को Arif Mohammad Khan को बिहार का राज्यपाल बनाया गया था। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।उनकी नियुक्ति के साथ ही करीब 26 वर्षों बाद बिहार को मुस्लिम समुदाय से राज्यपाल मिला था। इससे पहले A. R. Kidwai 1998 तक बिहार के राज्यपाल रहे थे। अब सैयद अता हसनैन के रूप में एक बार फिर मुस्लिम समुदाय से राज्यपाल की नियुक्ति हुई है, जिसे कई लोग राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
नए राज्यपाल से कई उम्मीदें
सैयद अता हसनैन के अनुभव, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक सोच को देखते हुए बिहार में उनके कार्यकाल को लेकर कई उम्मीदें जताई जा रही हैं। प्रशासनिक हलकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में राज्यपाल भवन की भूमिका और भी सक्रिय हो सकती है। आज लोक भवन में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बिहार की राजनीति और प्रशासन के लिए एक अहम क्षण माना जा रहा है। नए राज्यपाल के रूप में सैयद अता हसनैन का कार्यकाल अब औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा।