Bihar land survey : बिहार में जमीन सर्वे में लगे अमीनों के लिए सरकार का तोहफा, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने किया बड़ा ऐलान

बिहार में 20 जिलों में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण में तेजी लाने के लिए डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने समीक्षा की। अमीनों को बेहतर प्रदर्शन पर प्राथमिकता, रोजाना रिपोर्टिंग अनिवार्य और अन्य कामों से मुक्त रखने के निर्देश।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 14, 2026, 8:01:21 AM

Bihar land survey : बिहार में जमीन सर्वे में लगे अमीनों के लिए सरकार का तोहफा, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने किया बड़ा ऐलान

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Bihar land survey : बिहार में विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा शुक्रवार को डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने की। बैठक में उन्होंने सभी जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वेक्षण का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बेहतर प्रदर्शन करने वालों को मिलेगा लाभ

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो अमीन सर्वेक्षण कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे, उन्हें भविष्य में विभाग में होने वाली स्थायी बहाली में प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कहना था कि इससे कर्मियों में काम के प्रति उत्साह बढ़ेगा और सर्वेक्षण तेजी से पूरा होगा।


देरी की समस्याओं को तत्काल दूर करने का आदेश

सिन्हा ने कहा कि अब तक सर्वेक्षण कार्य में हुई देरी के कारणों की पहचान की जाए और उन्हें तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य की माइक्रो मॉनिटरिंग की जाएगी, यानी हर स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी।


रोजाना रिपोर्ट और डायरी भरना अनिवार्य

सर्वेक्षण से जुड़े सभी कर्मियों को अब रोजाना काम की रिपोर्ट मुख्यालय को शाम तक भेजनी होगी। इसके साथ ही अमीन डायरी को प्रतिदिन भरना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि काम की सही और समय पर जानकारी मिल सके।


सर्वेक्षण कर्मियों को अन्य कार्य में नहीं लगाया जाएगा

उपमुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सर्वेक्षण से जुड़े कर्मचारियों को किसी अन्य सरकारी काम में नहीं लगाया जाए। इस संबंध में भू अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक सुहर्ष भगत सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजेंगे।


कितने जिलों में चल रहा है काम?

विशेष सर्वेक्षण के पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में कुल 5657 मौजों में सर्वे का काम चल रहा है। इनमें से 1838 मौजों में फाइनल पब्लिकेशन पूरा हो चुका है, जो कुल काम का लगभग 33 प्रतिशत है। वहीं, 3662 मौजों में ड्राफ्ट पब्लिकेशन का काम पूरा हो चुका है। फाइनल पब्लिकेशन के मामले में शेखपुरा जिला 78.52 प्रतिशत के साथ सबसे आगे है।


कहां है प्रगति अच्छी?

बैठक में बताया गया कि मुजफ्फरपुर, सिवान, वैशाली, पटना, रोहतास और बेगूसराय जिलों में सर्वेक्षण कार्य की रफ्तार बेहतर है। समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे और उन्होंने सर्वेक्षण कार्य में समयबद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।


विशेष भूमि सर्वेक्षण का यह कार्य बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को सटीक बनाने और जमीन विवादों को कम करने के लिए अहम माना जा रहा है। डिप्टी सीएम के निर्देशों के बाद अब इस सर्वेक्षण में गति आने की संभावना है और आम जनता को जल्द ही इसके लाभ दिखाई देंगे।