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मोतिहारी शराब कांड के मास्टरमाइंड ने किया सरेंडर, पुलिस की दबिश से परेशान होकर पहुंचा कोर्ट… अब तक 10 लोगों की हो चुकी है मौत

Crime News: मोतिहारी के तुरकौलिया जहरीली शराब कांड में बड़ा अपडेट सामने आया है, जहां इस मामले के मास्टरमाइंड ने पुलिस दबाव में सरेंडर कर दिया है। इस बीच जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 06, 2026, 3:56:58 PM

मोतिहारी शराब कांड के मास्टरमाइंड ने किया सरेंडर, पुलिस की दबिश से परेशान होकर पहुंचा कोर्ट… अब तक 10 लोगों की हो चुकी है मौत

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Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी जिले में चर्चित तुरकौलिया जहरीली शराब कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है, जहां लगातार बढ़ती मौतों के बीच इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब कांड के कथित मास्टरमाइंड ने आखिरकार पुलिस के दबाव में आत्मसमर्पण कर दिया। इस बीच जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।


मौत का आंकड़ा 10 के पार, गांव में पसरा मातम

तुरकौलिया शराब कांड अब एक भयावह त्रासदी बन चुका है। अब तक 10 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। ताजा मामलों में रघुनाथपुर के हरदिया गांव निवासी विनोद साह की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई, वहीं शंकर सरैया के योद्धा मांझी ने भी दम तोड़ दिया। 


फैलता जा रहा जहर, कई इलाकों में असर

यह जहरीली शराब सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं रही। तुरकौलिया और रघुनाथपुर के बाद अब नगर थाना क्षेत्र में भी इसके शिकार सामने आने लगे हैं। प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कई लोग छिपकर इलाज करवा रहे हैं, जिससे हालत बिगड़ने के बाद ही वे अस्पताल पहुंच रहे हैं।


पुलिस की कार्रवाई में बड़ा खुलासा

इस पूरे मामले में पुलिस की छापेमारी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। अलग-अलग जगहों से 19 केन जहरीली स्प्रिट बरामद की गई है। जांच में इसमें मेथनॉल जैसे खतरनाक केमिकल की पुष्टि हुई है, जो सीधे तौर पर जानलेवा साबित होता है। इसी स्प्रिट से नकली शराब तैयार कर लोगों तक पहुंचाई गई थी।


‘जहर नेटवर्क’ का पर्दाफाश

जांच में यह साफ हो गया कि यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि एक संगठित गिरोह का खेल था। लंबे समय से यह नेटवर्क अवैध शराब बनाकर कई इलाकों में सप्लाई कर रहा था। इस पूरे नेटवर्क की कमान सुनील साह और कन्हैया यादव के हाथ में बताई जा रही थी, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।


पुलिस दबिश से टूटा हौसला, किया सरेंडर

लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी के डर ने आखिरकार आरोपियों को झुका दिया। सुनील साह और कन्हैया यादव ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया जा रहा है कि कन्हैया यादव के घर के पीछे से ही जहरीली स्प्रिट बरामद हुई थी, जिसके बाद से ही यादव पर पुलिस की कड़ी नज़र थी।


प्रशासन सख्त, लोगों से अपील

एसपी स्वर्ण प्रभात ने साफ कहा है कि इस मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास ऐसी संदिग्ध स्प्रिट या शराब है तो उसे तुरंत नष्ट कर दें और इसकी सूचना पुलिस को दें, ताकि आगे किसी और की जान न जाए।


कई सवाल अब भी कायम

इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं—आखिर इतने बड़े स्तर पर जहरीली शराब का नेटवर्क कैसे चल रहा था? प्रशासन को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?


फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए जांच में जुटी है। सरेंडर कर चुके आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस ‘मौत के कारोबार’ से जुड़े अन्य लोगों की तलाश तेज कर दी गई है।