1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 03, 2026, 10:49:55 AM
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Bihar News : पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में संदिग्ध परिस्थितियों में हो रही मौतों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अब तक मृतकों की संख्या तीन हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। परिजनों का दावा है कि इन मौतों के पीछे जहरीली शराब का सेवन है, वहीं पुलिस फिलहाल पूरे मामले को संदिग्ध मानकर हर पहलू से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार को एक युवक की मौत के साथ इस मामले की शुरुआत हुई थी। इसके बाद गुरुवार को इलाज के दौरान एक अन्य बीमार व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार सुबह सदर अस्पताल में भर्ती एक अधेड़ व्यक्ति की भी मौत हो गई, जिसके बाद मृतकों की संख्या तीन तक पहुंच गई है। मृतक की पहचान परसौना दलित बस्ती निवासी परीक्षण मांझी (55 वर्ष) के रूप में की गई है।
इससे पहले गुरुवार देर रात निजी क्लिनिक में एक और युवक की मौत हो गई थी। मृतक की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के शंकर सरैया परसौना गांव निवासी प्रमोद यादव (32 वर्ष) के रूप में हुई है। वह दूध का कारोबार करता था। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसने जहरीली शराब का सेवन किया था, जिसके चलते उसकी मौत हुई। शव का पोस्टमार्टम कराकर पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया है।
मृतक प्रमोद यादव के भाई विनोद यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के ही एक व्यक्ति नागा राय से प्रमोद ने शराब खरीदी थी। आरोप है कि उसी शराब के सेवन के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या करार देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इसके अलावा तुरकौलिया थाना क्षेत्र के ही जयसिंहपुर फुलवार निवासी ई-रिक्शा चालक चंदू कुमार (22 वर्ष) की भी मौत हो चुकी है। इस तरह अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग बीमार बताए जा रहे हैं।
सदर अस्पताल में वर्तमान में सात मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों में सिर दर्द, उल्टी, कमजोरी और आंखों की रोशनी प्रभावित होने जैसे लक्षण पाए गए हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अलर्ट मोड में है।
सूत्रों के मुताबिक, कई अन्य बीमार लोग निजी अस्पतालों और क्लिनिकों में छिपकर इलाज करा रहे हैं, जिससे वास्तविक आंकड़ा और अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक कुल 15 लोगों के बीमार होने की सूचना सामने आई है।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। पूरे इलाके में शराब तस्करों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि शराब के स्रोत और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। साथ ही उनके ठिकानों की भी जांच की जा रही है।
जानकारी यह भी सामने आई है कि इस मामले में एक चौकीदार को निलंबित कर दिया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि यह मामला अवैध शराब से जुड़ा है या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है।
इधर, एक पीड़ित परिवार के सदस्य गाजर पासवान के पिता ने बताया कि उनका बेटा अक्सर शराब का सेवन करता था। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि इलाके में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री खुलेआम हो रही थी।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में शराब का कारोबार सत्ता के संरक्षण में चल रहा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों और नेपाल से शराब की तस्करी बिहार में की जा रही है और रोक के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शराब के अवैध कारोबार से कई लोगों की हिस्सेदारी जुड़ी हुई है।फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटे हैं, जबकि इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है।