नीतीश कुमार की गजब शराबबंदी: दारू पीकर कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे डॉक्टर, जांच के डर से भाग निकले

बिहार के सासाराम में शराबबंदी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि सदर अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर कमिश्नर अनिमेष पराशर की पत्नी का इलाज करने नशे की हालत में पहुंचे और जांच की आशंका होते ही मौके से फरार हो गए। मामले में डॉक्टर से स्प

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 8:08:09 AM

नीतीश कुमार की गजब शराबबंदी: दारू पीकर कमिश्नर की पत्नी का इलाज करने पहुंचे डॉक्टर, जांच के डर से भाग निकले

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SASARAM: नीतीश कुमार की शराबबंदी वाले राज्य बिहार में ऐसे ऐसे कारनामे सामने आ रहे हैं कि आप हतप्रभ रह जाएंगे. अब ऐसा कारनामा सामने आया है जो फिर आपको हैरान कर देगा. बिहार के एक सीनियर IAS अधिकारी की पत्नी का इलाज करने पहुंचा सरकारी डॉक्टर नशे में धुत्त था. अधिकारी की पत्नी उस डॉक्टर का हाल देखकर हैरान रह गईं.


सासाराम में हुआ वाकया

बिहार के सासाराम में ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सदर अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर  शराब के नशे में ड्यूटी करने और एक हाई-प्रोफाइल मरीज का इलाज करने की कोशिश करने का गंभीर आरोप लगा है। मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर हैं क्योंकि मरीज कोई और नहीं बल्कि पटना प्रमंडल के आयुक्त (कमिश्नर) अनिमेष पराशर की पत्नी थीं।


क्या है पूरा मामला?

घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार, पटना के कमिश्नर अनिमेष पाराशर की पत्नी माँ मुंडेश्वरी धाम से लौट रही थीं। इसी दौरान पहाड़ी पर उनके पैर में एक कांटा चुभ गया। इलाज के लिए मेडिकल टीम को बुलाया गया। सदर अस्पताल के कार्यकारी उपाधीक्षक डॉ. असित रंजन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।


डॉक्टर ने कांटा निकालने का प्रयास शुरू किया, लेकिन उनके व्यवहार और बातचीत के तरीके को देखकर कमिश्नर की पत्नी को संदेह हुआ कि डॉक्टर शराब के नशे में धुत्त हैं। जैसे ही डॉक्टर को यह आभास हुआ कि उनकी जांच की जा सकती है या उनकी पोल खुल गई है, वे वहां से  भाग निकले।


डॉक्टर की दारूबाजी का पुराना इतिहास

स्थानीय लोगों के मुताबिक, डॉ. असित रंजन के लिए यह कोई पहला मामला नहीं है। उन पर पहले भी ऑन-ड्यूटी शराब पीने के आरोप लग चुके हैं। वे पहले भी नशे की हालत में गिरफ्तार हो चुके हैं। तब उन्हें सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भी रखा गया था। पिछली बार वे जुर्माना भरकर छूट गए थे।


विभागीय कार्रवाई और जांच होगी

इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सिविल सर्जन ने डॉ. असित रंजन से इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि उनसे लिखित जवाब माँगा गया है और यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उन पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


डॉक्टर का पक्ष

दूसरी ओर, आरोपी डॉ. असित रंजन ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि वे मैडम के इलाज के समय सर्किट हाउस में नहीं, बल्कि ट्रॉमा सेंटर में थे। उन्होंने अपना बचाव करते हुए कहा कि दो घंटे इंतजार करने के बाद भी जब सैंपल टीम नहीं पहुँची, तो वे वहां से औरंगाबाद चले गए।