1st Bihar Published by: RITESH HUNNY Updated Feb 11, 2026, 10:30:11 PM
DEO ने मांगा स्पष्टीकरण - फ़ोटो सोशल मीडिया
SAHARSA: बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा सुधार के लिए सरकार लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, ताकि नौनिहालों का भविष्य संवर सके। लेकिन हाल ही में सामने आया एक वीडियो इस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।
मामला सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड अंतर्गत उर्दू प्राथमिक विद्यालय महुआ में शिक्षक अब्दुल गफ्फार बच्चों को पढ़ाने के बजाय स्कूल में चटाई बिछाकर सोते हुए और मोबाइल पर रिल्स देखते हुए नजर आए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन अक्सर बच्चों को समय से पहले छुट्टी दे देता है, और शिक्षक समय काटने के लिए स्कूल में आराम फरमाते हैं। मामले की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे क्लास के बाहर बरामदे में मास्टर साहब अब्दुल गफ्फार स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की बजाय चटाई बिछाकर सो रहे हैं और मोबाईल पर रिल्स का मजा ले रहे हैं। जानकारी मुताबिक स्कूल प्रशासन द्वारा अक्सर बच्चों को समय से पहले ही छुट्टी दे दी जाती है और स्कूल के शिक्षक टाईम पास करने के लिए स्कूल में आराम फरमाते हैं।
यह तस्वीर इन दिनों बिहार के सरकारी स्कूल के शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि मामला संज्ञान में आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्कूल प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है। अब देखना यह होगा कि ऐसे लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।