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Bihar News: सरकारी राशि में गबन पर सीतामढ़ी DM की कार्रवाई, परिहार प्रमुख, बीपीआरओ समेत 8 पर FIR

Sitamarhi News: सीतामढ़ी के परिहार प्रखंड के पंचायत समिति की विभिन्न योजनाओं में बरती गई गड़बड़ी और सरकारी राशि के दुरूपयोग के मामले में परिहार थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Feb 25, 2025, 12:11:46 PM

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परिहार प्रमुख, बीपीआरओ समेत 8 पर FIR - फ़ोटो google

Sitamarhi News: बिहार के सीतामढ़ी में डीएम और डीडीसी ने सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी के आरोप में प्रखंड प्रमुख समेत सात सरकारी सेवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। उप प्रमुख की शिकायत पर हुई जांच में सरकारी राशि के गबन और योजनाओं में छेड़छाड़ की पुष्टि हुई है। सीतामढ़ी डीएम रिची पांडेय और डीडीसी मनन राम ने योजनाओं में गड़बड़ी करने के आरोप में कार्रवाई की है। जिससे हड़कंप मच गया है।


परिहार प्रखंड के पंचायत समिति की विभिन्न योजनाओं में बरती गई गड़बड़ी और सरकारी राशि के दुरूपयोग के मामले में डीएम/डीडीसी के आदेश पर बीडीओ आलोक कुमार ने 8 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपियों में परिहार प्रखंड प्रमुख अर्चना कुमारी, बीपीआरओ ज्ञानेंद्र कुमार झा, बथुआरा के पंचायत सचिव मनोज कुमार, बेतहा के पंचायत सचिव वेद प्रकाश राय, सूतिहारा के पंचायत सचिव हंसलाल कुमार के अलावा भेड़रहिया पंचायत के तत्कालीन तकनीकी सहायक कुणाल किशोर, बथुआरा के तत्कालीन तकनीकी सहायक मंटू कुमार और बेतहा के तत्कालीन तकनीकी सहायक जौहर अली शामिल हैं।


दरअसल परिहार के उप प्रमुख रफी हैदर उर्फ छोटे बाबू ने डीएम से पंचायत समिति की योजनाओं में गड़बड़ी और सरकारी राशि के गबन की शिकायत की थी। डीएम/डीडीसी ने डीटीओ से शिकायत की जांच कराई थी। उप प्रमुख का आरोप था कि पंचायत समिति की बैठक नहीं हुई। प्रस्ताव पंजी में छेड़छाड़ कर मनमाने तरीके से योजनाओं का चयन और वितरण किया गया। जांच में छेड़छाड़ के आरोप की पुष्टि की गई है। 


उनका आरोप है कि भगवतीपुर से लेकर साकिर के खेत तक नाला उड़ाही कार्य मनरेगा से पूर्व में हुआ था। फिर भी 15वीं वित्त से प्राक्कलित राशि 10,49,784 का शत- प्रतिशत गबन हुआ है। जांच में पाया गया कि 2500 फीट लम्बाई में काम किया हुआ है। योजना वर्तमान में भी संचालित है।15वीं वित्त से 5200 फीट में कार्य होने का उल्लेख अभिलेख में अंकित है। यहां ट्रैक्टर से कार्य लिया गया है। जांच में एक ही कार्य का दो योजना से भुगतान की भी पुष्टि हुई है। इस तरह के अन्य कई आरोप है, जिसकी पुष्टि हुई है।