Hindi News / bihar / siwan-news / Martyr Rambabu Prasad: सीमा पर बिहार का एक और लाल शहीद, 3 महीने...

Martyr Rambabu Prasad: सीमा पर बिहार का एक और लाल शहीद, 3 महीने पहले ही हुई थी शादी, आज सिवान में अंतिम संस्कार

Martyr Rambabu Prasad: सीवान के BSF जवान रामबाबू प्रसाद 9 मई को पाक गोलीबारी में शहीद हो गए। 3 महीने पहले ही हुई थी उनकी शादी। आज गांव में राजकीय सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 13, 2025, 10:27:12 AM

Martyr Rambabu Prasad

शहीद BSF जवान रामबाबू प्रसाद - फ़ोटो Google

Martyr Rambabu Prasad: पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही गोलीबारी में बिहार के एक और लाल शहीद हो गया है। सिवान जिले के वसिलपुर गांव के BSF जवान रामबाबू प्रसाद 9 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर ड्यूटी के दौरान पाकिस्तानी गोलीबारी का शिकार हो गए। महज 3 महीने पहले फरवरी में उनकी शादी हुई थी, और अब उनकी शहादत की खबर ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। आज, 13 मई 2025 को उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचेगा, जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


रामबाबू प्रसाद सीवान के गौतम बुद्ध नगर थाना क्षेत्र के वसिलपुर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता स्वर्गीय रामविचार सिंह हरिहरपुर पंचायत के पूर्व उप मुखिया थे। रामबाबू की शादी फरवरी 2025 में बड़े ही धूमधाम से हुई थी। शादी के बाद वे फरवरी के आखिरी हफ्ते में जम्मू-कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे और 9 मई को पाकिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में वे शहीद हो गए। उनकी नवविवाहिता पत्नी और परिवार के लिए यह खबर असहनीय दुख लेकर आई, लेकिन साथ ही उनकी बहादुरी पर पूरे देश को गर्व भी है।


रामबाबू की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, मातम छा गया। उनके परिजन पार्थिव शरीर लेने जम्मू-कश्मीर गए थे। आज दोपहर तक उनका पार्थिव शरीर वसिलपुर गांव पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय प्रशासन और सेना के अधिकारी भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जो राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि रामबाबू बचपन से ही देश सेवा का सपना देखते थे। उनकी शहादत पर गांव को गर्व है, लेकिन उनका यूं चले जाना सभी के लिए बहुत ही दुखद है।


ज्ञात हो कि रामबाबू से एक दिन पहले, छपरा के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज भी पाक गोलीबारी में शहीद हो गए थे। वे जम्मू के आरएस पुरा सेक्टर में ड्यूटी पर थे, जब उनके पैर में गोली लगी। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 12 मई को उनके गांव नारायणपुर में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे गूंजे। उनके बेटे मोहम्मद इमरान और दामाद ने जम्मू से उनका पार्थिव शरीर लाया।