Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति

सदन में विवाद बढ़ने के बाद राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने सिन्हा को टोकना शुरू किया, जिससे दोनों नेताओं के बीच भिड़ंत हुई। मामले को काबू में करने के लिए स्पीकर ने तुरंत हस्तक्षेप किया

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 02:53:20 PM IST

Budget Session : विधानसभा में विजय सिन्हा और भाई वीरेंद्र के बीच भिडंत, स्पीकर ने संभाली स्थिति

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Budget Session : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान को सदन में एक बार फिर तीखी बहस देखने को मिली, जब राजद नेता भाई वीरेंद्र और भाजपा के विधायक विजय सिन्हा के बीच जुबानी भिड़ंत हो गई। मामला उस समय बढ़ गया जब तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कुछ तीखे सवाल उठाए, और विजय सिन्हा ने सीधे तौर पर उन्हें जवाब दिया।


विजय सिन्हा ने सदन में कहा, "हम तेजस्वी यादव जी के दुख को समझते हैं, इसलिए उन्हें बैठकर बोलने के लिए कहा। तेजस्वी कह रहे थे कि गलत हुआ, लेकिन गलत करने का ठेका तो इन लोगों के पास है। पूरा देश जानता है जंगलराज का युवराज कौन है। लोकतंत्र को परिवारतंत्र बनाने वाले और जानवरों का चारा चुराने वाले उपदेश ना दें।"


सिन्हा ने तेजस्वी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष को पहले अपने घर की बेटियों की इज्जत करना सीखनी चाहिए और बिहार की चिंता छोड़ देनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य की जिम्मेदारी के लिए डबल इंजन की सरकार जिम्मेदार है। उनके इस बयान ने सदन में राजनीतिक गर्माहट बढ़ा दी और विपक्षी दलों के सदस्य तीखी प्रतिक्रिया देने लगे।


बातचीत के दौरान, राजद के विधायक भाई वीरेंद्र ने सिन्हा की बातों को टोकना शुरू कर दिया। वीरेंद्र ने कहा कि यह अस्वीकार्य है और उन्होंने पीएम मोदी को लेकर कुछ गलत शब्दों का जिक्र किया उसके बाद  इसके बाद दोनों नेताओं के बीच तकरार में वृद्धि हो गई, और माहौल और तनावपूर्ण हो गया।


सदन की कार्यवाही को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों से शांत रहने की अपील की। स्पीकर ने कहा कि सदन में सभी नेताओं को सम्मानपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत आरोप और अपमानजनक टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को अपने व्यवहार में संयम दिखाना होगा और विधानसभा की गरिमा को बनाए रखना होगा।


इस घटना के बाद सदन में हंगामा हुआ, लेकिन स्पीकर के हस्तक्षेप से स्थिति को काबू में किया गया। कई विधायक बीच में आकर मामला शांत करने की कोशिश कर रहे थे, और सदन में थोड़ी देर बाद बहस फिर से सामान्य रूप से चलने लगी।