1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 02, 2025, 9:00:18 AM
gst collection february 2025 - फ़ोटो Social Media
सरकार के लिए फरवरी 2025 का महीना आर्थिक दृष्टि से एक नई सफलता लेकर आया है। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के जरिए सरकार ने 1.84 लाख करोड़ रुपए की भारी राशि जुटाई है, जो पिछले साल की तुलना में 9.1% की बढ़ोतरी को दर्शाता है। यह एक अहम संकेत है कि देश की अर्थव्यवस्था ने बेहतर राजस्व वसूली की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं।
1 मार्च को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2024 में सरकार ने GST से 1.68 लाख करोड़ रुपए कलेक्ट किए थे। अब, फरवरी 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। इस वृद्धि से स्पष्ट होता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और व्यापारिक क्षेत्र में GST के संग्रहण में बढ़ोतरी हो रही है, जो सरकारी खजाने के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
हालांकि, जनवरी 2025 में GST से 1.96 लाख करोड़ रुपए की वसूली हुई थी, जो पिछले साल की तुलना में 12.3% ज्यादा थी, लेकिन फरवरी के आंकड़े खास महत्व रखते हैं। फरवरी 2025 लगातार 12वां महीना है जब GST कलेक्शन 1.7 लाख करोड़ रुपए से अधिक रहा है। यह लगातार बढ़ता हुआ कलेक्शन दर्शाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था में स्थिरता आ रही है और राजस्व संग्रहण में एक स्थायी सुधार हो रहा है।
इस वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में GST कलेक्शन 10.87 लाख करोड़ रुपए रहा, जो कि पिछले साल की पहली छमाही की तुलना में 9.5% ज्यादा था। यह आंकड़ा दर्शाता है कि सरकार का आर्थिक प्रबंधन और GST के कार्यान्वयन में सुधार का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। इसके अलावा, यह कलेक्शन टैक्स बेस के विस्तार और व्यापारिक क्षेत्रों की बढ़ती गतिविधियों का भी परिणाम है।
यह 9.1% की बढ़ोतरी केवल सरकारी खजाने में वृद्धि का संकेत नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि देश की अर्थव्यवस्था ने महामारी के बाद की मंदी से उबरने के बाद मजबूती हासिल की है। जब कोई भी देश अपने कर संग्रहण में इस तरह के निरंतर बढ़ाव को देखता है, तो यह संकेत होता है कि उसके व्यापारिक गतिविधियाँ और निवेश के माहौल में सुधार हो रहा है।
इसके साथ ही, यह आंकड़े यह भी दिखाते हैं कि GST के लागू होने के बाद से भारत में टैक्स की पारदर्शिता और सटीकता में वृद्धि हुई है, जो व्यापारियों और सरकार दोनों के लिए लाभकारी है।