1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 31, 2025, 8:32:52 AM
बिहार क्राइम न्यूज - फ़ोटो GOOGLE
Bihar Crime News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शहर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र में मिस्कॉर्ट लेन और पड़ाव पोखर के बीच रेलवे ट्रैक के पास शिक्षिका की शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना शुक्रवार रात की है। महिला के शव की पहचान 58 वर्षीय सहायक शिक्षिका आशा मिंज के रूप में की गई है। वह काजीमोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के आमगोला, नीतीश्वर मार्ग की रहने वाली थीं और दो दिनों से लापता थीं।
परिजनों ने बताया कि शिक्षिका आशा मिंज को 1 अगस्त से बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) का कार्य सौंपा गया था। लगातार फील्ड ड्यूटी और रिपोर्टिंग कार्य के चलते वह मानसिक रूप से तनाव में थीं। उनके भाई अजय मिंज ने शनिवार को काजीमोहम्मदपुर थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें यह भी उल्लेख किया गया था कि आशा मिंज अत्यधिक कार्यदबाव के कारण अवसाद में थीं।
शुक्रवार शाम को वह घर आई थीं और अपने कमरे में चली गईं। जब परिजन उन्हें खाने के लिए बुलाने पहुंचे, तो वह वहां नहीं थीं। हैरानी की बात यह थी कि उन्होंने अपना मोबाइल और बैग घर पर ही छोड़ दिया था। शाम सात बजे के बाद से वह लापता थीं। मिठनपुरा थाना पुलिस को शुक्रवार रात लगभग 8:30 बजे सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक के पास एक महिला का शव पड़ा है, जो संभवतः ट्रेन से कटने से मौत का मामला लग रहा था। थानेदार पंकज कुमार संतोष ने बताया कि शव अज्ञात महिला का था, जिसे यूडी (Unnatural Death) केस के तहत दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
शनिवार को जब अजय मिंज ने शव की पहचान की, तो पता चला कि वह उनकी बहन आशा मिंज ही थीं। इसके बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हेडमास्टर सह प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव राजीव कुमार ने कहा कि आशा मिंज पर बीएलओ कार्य को लेकर जबरन दबाव डाला जा रहा था, जो शिक्षा विभाग के नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने बताया कि किसी भी शिक्षक को शिक्षण कार्य के अलावा किसी अतिरिक्त कार्य में जबरन नहीं लगाया जा सकता। विभागीय आदेश के बावजूद आशा मिंज को बीएलओ बनाया गया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
संघ ने इस मामले की जांच और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। यह भी सवाल उठाया गया है कि बीएलओ जैसे कार्य में वरिष्ठ शिक्षिका को क्यों नियुक्त किया गया, जबकि इस कार्य के लिए विकल्प मौजूद होते हैं।
मिठनपुरा और काजीमोहम्मदपुर पुलिस अब इस केस को मोटिव के आधार पर आत्महत्या या कार्यस्थल प्रताड़ना से जोड़कर देख रही है। हालांकि, पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और कॉल डिटेल्स के आधार पर आगे की जांच जारी है। आशा मिंज की मौत से नई तालिमा स्कूल और उनके मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है। साथी शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी स्तब्ध हैं। विद्यालय में एक दिन का शोक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।