1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jan 30, 2026, 10:14:26 PM
घूसखोर को सजा - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार की स्पेशल निगरानी अदालत ने वन विभाग के भ्रष्ट रेंजर को 28 सालों बाद सजा सुनाई है। निगरानी की टीम ने दोषी पाए गए रेंजर को 1500 रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को कोर्ट आरोपी रेंजर को दोषी ठहराते हुए सजा का एलान किया।
दरअसल, वैशाली के तत्कालीन रेंजर सीताराम चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने लकड़ी लदे ट्रक को जब्त किया था और ट्रक के ऑनर बुक और ड्राइविंग लाइसेंस को लौटाने के एवज में मुन्ना बाबू सो रिश्वत की मांग की थी। जिसके बाद आरोपी रेंजर को 1500 रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले का तत्कालीन अनुसंधानकर्ता मे सटीक और समय पर आरोप-पत्र दायर किया। बिहार सरकार की ओर से आनन्दी सिंह, कनीय विशेष लोक अभियोजक निगरानी (ट्रैप केसेज) पटना ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोष सिद्ध कराने में सफलता हासिल की।
निगरानी कोर्ट के न्यायाधीश ने अभियुक्त सीता राम चौधरी, तत्कालीन रेंजर वैशाली को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13 (2) सह पठित धारा 1 3(1)(d) के तहत निगरानी थाना कांड संख्या-42/97 (विशेष वाद सं-18/97) में दोषी ठहराया।
सीता राम चौधरी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 में एक वर्ष सश्रम कारावास एवं दस हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। धारा-13 (2) सह पठित धारा 1 3(1)(d) में एक वर्ष सश्रम कारावास एवं दस हजार रूपये का अर्थदण्ड लगाया गया है। अर्थदण्ड की राशि नहीं जमा करने पर एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास होगा।