1st Bihar Published by: Dheeraj Kumar Updated Sep 07, 2025, 6:38:27 PM
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Bihar Crime News: बिहार के जमुई पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। 215 बटालियन सीआरपीएफ, एसटीएफ बरहट और बरहट थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 9 वर्षों से फरार चल रहे दो कुख्यात नक्सली सोमर कोड़ा उर्फ बजरंगी कोड़ा और असरफी कोड़ा को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार सोमर कोड़ा उर्फ बजरंगी के खिलाफ बरहट थाना कांड संख्या 41/2017, जबकि असरफी कोड़ा के खिलाफ खैरा थाना कांड संख्या 474/2020 दर्ज है। सोमर कोड़ा चोरमारा गांव, थाना बरहट का निवासी है, वहीं असरफी कोड़ा बिचला टोला, थाना बरहट का रहने वाला है।
जानकारी के अनुसार, एसपी विश्वजीत दयाल और 215 बटालियन सीआरपीएफ के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देश पर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों चोरमारा, परसातरी, बिचला टोला और गुरमाहा के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।
इसी दौरान गुरमाहा के जंगल क्षेत्र में दो संदिग्ध व्यक्तियों को सुरक्षा बलों ने देखा, जो जवानों को देखते ही भागने लगे। तत्परता से कार्रवाई करते हुए दोनों को खदेड़कर पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान पता चला कि दोनों नक्सली कर्मा पर्व मनाने अपने गांव लौटे थे। वे पूर्व में आत्मसमर्पित हार्डकोर नक्सलियों बालेश्वर कोड़ा और अर्जुन कोड़ा के निकट सहयोगी रह चुके हैं और लंबे समय से पुलिस को इनकी तलाश थी।
सूत्रों के अनुसार, सोमर कोड़ा उर्फ बजरंगी पर वर्ष 2017 में ब्रह्मदेव कोड़ा की पत्नी और दो पुत्रों की निर्मम हत्या कर उनके शव कुकरझप डैम के पास फेंकने का आरोप है। यह मामला लंबे समय से पुलिस के लिए एक चुनौती बना हुआ था। जमुई पुलिस ने इस गिरफ्तारी को नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी सफलता मानते हुए, आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।