1st Bihar Published by: First Bihar Updated Aug 26, 2025, 11:10:14 AM
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: पटना जंक्शन पर 22 अगस्त की शाम एक दिल दहलाने वाली घटना हुई, यहां कोटा-पटना एक्सप्रेस के सामान्य डिब्बे से छह महीने के मासूम आर्यन उर्फ देवांश राज का अपहरण कर लिया गया है। मासूम की मां रेणु कुमारी के बयान पर 24 अगस्त को पटना जंक्शन जीआरपी में केस दर्ज किया गया। रेल पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और प्लेटफॉर्म नंबर-10 के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने लगी। जीआरपी थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जल्द ही बच्चे को बरामद करने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इस घटना में मानव तस्करी की आशंका जताई जा रही है क्योंकि अपहरण का तरीका संगठित गिरोह की कार्यशैली से मिलता-जुलता है।
रेणु कुमारी मूल रूप से औरंगाबाद के उपहारा के बधार हमीदनगर की रहने वाली हैं, वह अपने बेटे के साथ कोटा-पटना एक्सप्रेस से सफर कर रही थीं। उनकी शादी मई 2024 में रोहतास के डेहरी निवासी प्रेमचंद चौधरी से हुई थी, लेकिन पति की कुछ महीने पहले एक हादसे में मौत हो गई। रेणु अपने ससुराल, मध्य प्रदेश के रामगढ़ से पटना लौट रही थीं। ट्रेन में उनके साथ एक युवक भी था जो कोटा से ही सफर कर रहा था और बच्चे के साथ खेल रहा था। जब ट्रेन पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-10 पर रुकी तो रेणु को वॉशरूम जाने की जरूरत पड़ी। युवक ने बच्चे को अपने पास रखने की बात कही और रेणु ने भरोसा कर उसे बच्चा सौंप दिया। जब वह वेटिंग हॉल के वॉशरूम से लौटीं तो युवक बच्चे सहित गायब था।
पुलिस की शुरुआती जांच में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि संदिग्ध युवक का रंग सांवला था, उसने आसमानी रंग की शर्ट, नीली जींस और सैंडल पहन रखी थी। रेणु ने बताया कि युवक ने बच्चे के साथ प्यार भरा व्यवहार दिखाकर उनका भरोसा जीता था। पुलिस को शक है कि यह अपहरण मानव तस्करी गिरोह का काम हो सकता है जो बच्चों को बेचने के लिए ऐसी महिलाओं को निशाना बनाता है, जिन्हें बच्चे की चाहत हो। इस तरह की घटना पटना जंक्शन पर पहले भी हो चुकी है। 28 जून 2025 को प्लेटफॉर्म नंबर-10 के बुकिंग काउंटर के पास से ढाई साल के बच्चे सोनू का अपहरण हुआ था, जिसे बाद में सीतामढ़ी के छुटकी खैरवा गांव से बरामद किया गया था। उस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पटना जंक्शन पर मानव तस्करी की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। बिहार में मानव तस्करी एक गंभीर समस्या है और रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान तस्करों के लिए आसान ठिकाने बन जाते हैं। रेल पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की है और आसपास के स्टेशनों पर अलर्ट जारी किया है। बिहार पुलिस ने हाल ही में ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के तहत जुलाई-अगस्त 2025 में 112 लोगों को मानव तस्करी से बचाया था, जिनमें 41 नाबालिग लड़कियां और 64 लड़के शामिल थे। पुलिस को उम्मीद है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से मासूम आर्यन को जल्द बरामद कर लिया जाएगा और अपराधी को पकड़ा जाएगा।