चरस तस्करी मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा, चेलवा और बैला को 14 साल की सजा

चेलवा और बैला पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इन दोनों तस्कर को 2021 में नेपाल से चरस भारत में लाते गिरफ्तार किया गया था। शटर कटवा के रूप में पूरे पूर्वी चंपारण जिले में ये प्रसिद्ध हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 30, 2025, 10:15:02 PM

BIHAR POLICE

कोर्ट ने सुनाई सजा - फ़ोटो GOOGLE

MOTIHARI: शटर कटवा के रूप में चर्चित चेलवा और बैला को चरस तस्करी में 14 साल की सजा सुनाई गयी है। घोड़ासहन थाने के पकही निवासी शमीर शाह उर्फ चेलवा और सलमान शाह उर्फ बैला को सजा हुई है। मामले में घोड़ासहन थाना कांड संख्या 405/2021 दर्ज हुई थी।


मोतिहारी में एनडीपीएस कोर्ट-2 के विशेष न्यायाधीश सूर्यकांत तिवारी ने चरस तस्करी मामले में दोषी पाते हुए नामजद दो अभियुक्त को चौदह साल का सश्रम कारावास और प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई है। अर्थ दंड नहीं देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सजा जिले के घोड़ासहन थाना के पकही निवासी शमीर शाह उर्फ चेलवा तथा सलमान शाह उर्फ बैला को हुई। 


मामले में घोड़ासहन थाना कांड संख्या 405/2021 दर्ज हुई थी। इसमें कहा गया था कि 11 सितंबर 2012 को 10.30 बजे दिन में घोड़ासहन के बलान मोड़ के पास गुप्त सूचना के आलोक में वाहन जांच किया जा रहा था। उसी दौरान नेपाल की ओर से अपाची बाइक पर दो व्यक्ति भारत में प्रवेश किए। पुलिस बल ने बाइक को रोककर तलाशी ली तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से एक काले रंग के बैग में रखे तीन किलो चार सौ ग्राम चरस बरामद किया गया।


 एनडीपीएस वाद संख्या 89/2021 विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक प्रभाष त्रिपाठी ने बारह गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर साक्ष्य कराया। न्यायाधीश ने सुनवाई पूरी कर नामजद दोनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उक्त सजा सुनाए। बता दें कि चेलवा और बैला शटर कटवा के रूप में पूरे पूर्वी चंपारण जिले में प्रसिद्ध हैं। शटर कटवा के अलावा दोनों अब चरस तस्करी का नया धंधा शुरू किया था, जो मोतिहारी पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था।

सोहराब आलम की रिपोर्ट..