Cyber Fraud: बिहार के सरपंचों को साइबर ठगों का निशाना, DPRO बनकर मीटिंग लिंक से की गई ठगी

बिहार में साइबर ठगों ने सरपंचों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। DPRO बनकर फर्जी कॉल और मीटिंग लिंक भेजकर हो रही हजारों की ठगी। जानिए...कैसे हुआ खुलासा और क्या कर रही है साइबर पुलिस?

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 01, 2025, 10:47:24 AM

Bihar Crime News

बिहार क्राइम न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Cyber Fraud: बिहार में साइबर ठगों का शिकार अब पंचायत सरपंच भी बनने लगे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के औराई क्षेत्र में भदई पंचायत के सरपंच मिथलेश राम से ठगी के बाद अब कुढ़नी के सकरी सरैया पंचायत की सरपंच लक्ष्मी साह से भी ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। लक्ष्मी साह ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने ठगी की राशि 7,350 को होल्ड कर एक खाते को फ्रिज कर दिया है। साइबर पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।


पुछताछ के दौरान पसरपंच लक्ष्मी साह ने बताया कि उन्हें ठगों ने खुद को जिला पंचायती राज अधिकारी बताकर फोन किया। ठगों ने कहा कि पंचायत सरपंचों को प्रशिक्षण अवधि का भुगतान किया जाना है और वह यूपीआई के माध्यम से भुगतान करेंगे। इसके बाद पेमेंट लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने के बाद उनके खाते से 7,350 कट गए। साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने कहा कि शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई की गई और ठगी करने वाले का खाता फ्रीज कर दिया गया। एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।


इससे पहले 25 अगस्त को भदई पंचायत के सरपंच मिथलेश राम ने भी इसी तरह के फर्जी कॉल के माध्यम से ठगी का शिकार होने की शिकायत औराई थाने में दर्ज कराई थी। उनके खाते से 77,189 चोरी हो गए थे। ठगों ने जिला पंचायती राज अधिकारी का नाम लेकर कॉल कर ऑनलाइन मीटिंग में जुड़ने का फर्जी लिंक भेजा था, जिस पर क्लिक करते ही उनके खाते से रकम कट गई


भदई सरपंच ने इस मामले की जानकारी जिला पंचायती राज अधिकारी को दी थी, जिन्होंने जिले के सभी सरपंचों को पत्र भेजकर ऐसे फ्रॉड कॉल से सावधान रहने की हिदायत दी थी। बावजूद इसके, कुढ़नी के सरपंच लक्ष्मी साह साइबर ठगों के जाल में फंस गए। इस तरह की ठगी की घटनाएं जिले में लगातार बढ़ रही हैं, जिससे पंचायत स्तर पर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी कॉल या लिंक पर क्लिक न करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर पुलिस को दें।


यह मामला साफ करता है कि साइबर ठगी अब गांव-देहात के प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच चुकी है, और जागरूकता व सुरक्षा उपायों की सख्त जरूरत है ताकि ऐसे साइबर अपराधों को रोका जा सके। पुलिस और प्रशासन भी ठगी रोकने के लिए विशेष अभियान चला रहे हैं और सरपंचों व पंचायत कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण देने की योजना बना रहे हैं।