जमुई में भारी मात्रा में नकली दवाइयाँ बरामद, पुलिस की छापेमारी से हड़कंप

जमुई जिले के खैरा प्रखंड में नकली दवाइयों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने छापेमारी कर लाखों की नकली दवाइयाँ, रैपर और उपकरण बरामद किए। मामले की गहराई से जांच जारी है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 30, 2025, 10:53:04 PM

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JAMUI: जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत चौहानडीह गांव से नकली दवाइयों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। गुप्त सूचना के आधार पर जमुई पुलिस ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक घर से भारी मात्रा में नकली दवाइयों का जखीरा जब्त किया। इस दौरान मौके से कई कार्टन दवाइयां, सैकड़ों की संख्या में नकली रैपर, खाली शीशियां और दवा बनाने के उपकरण भी बरामद किए गए।


इस छापेमारी की पुष्टि जमुई सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने की। उन्होंने बताया कि खैरा थानाध्यक्ष मिंटू सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि चौहानडीह गांव में एक मकान से नकली दवाओं की सप्लाई की जा रही है। सूचना मिलते ही एक विशेष टीम का गठन कर तत्काल छापेमारी की गई, जिसमें भारी मात्रा में नकली दवाइयां बरामद हुईं।


बरामद दवाओं की प्रारंभिक जांच के बाद जमुई के ड्रग इंस्पेक्टर को सूचित किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इन दवाइयों को नकली घोषित किया। इसके बाद पुलिस ने सभी दवाइयों को जब्त कर लिया और संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जब्त माल की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।


पुलिस को घटनास्थल से नकली दवाइयाँ बनाने वाले उपकरण भी मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह सिर्फ भंडारण नहीं बल्कि निर्माण स्थल भी था। हालांकि, इस गोरखधंधे में कौन लोग शामिल हैं और इसकी नेटवर्किंग कहां तक फैली है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है।


एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस अवैध कारोबार में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमुई में लंबे समय से नकली दवाइयों का रैकेट सक्रिय है और इसके पीछे बड़े गिरोह का हाथ होने की आशंका है।


इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है। पुलिस की तत्परता और त्वरित कार्रवाई से आम लोगों में संतोष है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि जमुई पुलिस इस रैकेट के मास्टरमाइंड तक कब तक पहुंच पाती है और इस अवैध धंधे की जड़ें कहां तक फैली हैं।

जमुई से धीरज कुमार सिंह