1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 28, 2026, 10:15:53 PM
शराबबंदी का हाल देखिये - फ़ोटो social media
MADHEPURA: बिहार में वैसे तो पूर्ण शराबबंदी10 साल से लागू है, लेकिन इस कानून का सही से पालन नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि लोग आज भी शराब का सेवन करते हैं और इसकी तस्करी करते हैं। बिहार के सरकारी अस्पताल से सैकड़ों की संख्या में बरामद शराब की खाली बोतलें शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं।
मधेपुरा जिले के मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद अस्पताल परिसर में रॉयल स्टेज जैसी महंगी शराब की बोतलें आलमारी पर रखी मिलीं। एक कमरे की तलाशी में विदेशी शराब की बोतलें मिलने से कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनरेटर ऑपरेटर और कुछ कर्मचारियों की सांठ-गांठ से शराब लाई जाती है। पीने के बाद बोतलों को छिपा दिया जाता है और कचरा गाड़ी से फेंक दिया जाता है। कुछ का दावा है कि डॉक्टर भी इसमें लिप्त हो सकते हैं।
शराब की खाली बोतलें मिलने पर युवा नेता अमित कुमार ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की पोल खोलकर रख दी है। अस्पताल प्रभारी संजीव कुमार ने कहा कि दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। यह घटना बिहार की शराबबंदी पर करारा प्रहार है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।