1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 09, 2026, 5:49:20 PM
क्या यही शराबबंदी है? - फ़ोटो रिपोर्टर
PATNA: बिहार में 10 साल से पूर्ण शराबबंदी है, लेकिन ना तो पीने वाले सुधरने का नाम ले रहे हैं और ना ही बेचने वाले ही अपनी करतूतों से बाज आ रहे हैं। इसका फायदा तीसरा व्यक्ति उठा रहा है। हम बात कर रहे हैं बिहार के मधुबनी जिले की जहां नकली उत्पाद अधिकारी बनकर दो बदमाशों ने शराब तस्कर से 80 हजार रुपये बतौर नजराना मांगा।
मामला जब सामने आया तो पुलिस भी हैरान रह गयी। जब पता चला कि नकली उत्पाद अधिकारी बनकर दो युवक अवैध शराब से जुड़े धंधेबाजों को हड़का कर 80 हजार रुपये की मांग कर रहे थे। पुलिस ने दोनों नकली उत्पाद अधिकारी को धड़ दबोचा और एक शराब माफिया को भी गिरफ्तार कर लिया।
मामला मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के पिलखवार गांव की है। जहां इस मामले के सामने आने से लोग भी हैरान हैं। इससे तो यह साफ हो गया है कि बिहार में शराबंदी कानून का किस तरह से मजाक उड़ाया जा रहा है। जिसे मन कर रहा वो किसी तरह इस धंधे से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से जुड़कर इस कानून को ठेंगा दिखाने का काम कर रहा है।
गिरफ्तार नकली उत्पाद अधिकारी की पहचान राजनगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव निवासी हुकुमदेव यादव के पुत्र कमल कुमार और बड़ई गांव निवासी गोपी यादव के बेटे दुर्गा नंद के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार शराब कारोबारी की पहचान जयनगर थाना क्षेत्र के कमलाबाड़ी निवासी राम सेवक यादव के बेटे सुभाष यादव के तौर पर हुआ है। गिरफ्तार शराब माफिया सुभाष यादव के पास से बिना नंबर की एक बाइक भी बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।