1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sep 11, 2025, 2:07:11 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी में रंगदारी मांगने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। नगर थाना क्षेत्र के मिसकोर्ट निवासी जनरल स्टोर संचालक रवि गुप्ता से 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। रंगदार ने पत्र और नेपाली नंबर से फोन कर धमकी दी कि सात दिन के अंदर पैसे नहीं दिए तो जान से हाथ धोना पड़ेगा, और अगर पुलिस के पास गए तो अंजाम बुरा होगा।
रवि गुप्ता ने नगर थाना में दिए गए आवेदन में बताया कि 5 सितंबर को उनके घर पर एक अज्ञात व्यक्ति ने झोले में बियर की बोतल और एक धमकी भरा पत्र फेंका। यह झोला उनके भतीजे की दुकान का था। पत्र में लिखा था कि 7 दिन के अंदर 5 करोड़ रुपये की व्यवस्था करें, वरना जान से मार दिए जाएंगे।
अगले दिन, एक नेपाली मोबाइल नंबर से रवि गुप्ता को कॉल आया, जिसमें फिर से पैसे की मांग दोहराई गई और कहा गया कि सात दिन में व्यवस्था हो जानी चाहिए। इसके बाद पीड़ित ने तत्काल इसकी शिकायत नगर थाना में दर्ज कराई। जैसे ही इस घटना की जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात को मिली, उन्होंने सदर एसडीपीओ दिलीप सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर झोला फेंकने वाले युवक को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार युवक की पहचान मधुबन थाना क्षेत्र निवासी गोलू के रूप में हुई। पूछताछ में गोलू ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से मोतिहारी में टेंपो चलाता है और किसी ने उसे 1000 देकर झोला फेंकने को कहा था। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने नेपाली नंबर से कॉल करने वाले युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान जमाल निवासी आनंद के रूप में हुई, जो पीड़ित के भतीजे की दुकान में पहले काम कर चुका है।
पूछताछ में आनंद ने खुलासा किया कि पूरी साजिश पीड़ित के भतीजे सौरभ ने रची थी। उसने ही अपने साथियों बिपिन और आनंद को नेपाल बॉर्डर से नेपाली सिम और फोन उपलब्ध कराए थे। बिपिन ने वहीं से रवि गुप्ता को कॉल कर रंगदारी की मांग की थी।
एसडीपीओ दिलीप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि इस रंगदारी कांड का मास्टरमाइंड सौरभ अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, सौरभ और पीड़ित के बीच पूर्व में आपसी विवाद था, जिसके चलते उसने यह साजिश रची।
रिपोर्ट- सोहराब आलम, मोतिहारी