1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 05, 2026, 6:02:38 PM
ईडी की बड़ी कार्रवाई - फ़ोटो social media
PATNA: इस वक्त की बड़ी खबर ईडी की एक्शन से जुड़ी पटना से आ रही है। जहां NHAI के तत्कालीन DGM प्रभांशू शेखर के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। पटना जोनल कार्यालय ने छापेमारी के दौरान 2.85 करोड़ की अचल संपत्ति को जब्त किया है। ईडी ने छापेमारी कर भ्रष्टाचार के माध्यम कमाई कर अर्जित अवैध संपत्ति को जब्त किया है।
मिली जानकारी के अनुसार ईडी की टीम ने NHAI के तत्कालीन DGM प्रभांशू शेखर के दो ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान बिहार और दिल्ली में फ्लैट, जमीन, सोने-चांदी के गहने और बीमा पॉलिसी के पेपर जब्त किये गये। आरोपी प्रभांशू शेखर पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगा था।
इन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर रखी है, यह आरोप लगाया गया और जब यह मामला ईडी के पास आया तब आरोपी प्रभांशू शेखर से पूछताछ की गयी तब उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया था। लेकिन ईडी ने जब जांच की तो आरोप सही पाया गया। जिसके बाद ईडी ने छापेमारी कर प्रभांशू शेखर की करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति को जब्त किया। करीब 2 करोड़ 85 लाख की अचल संपत्ति को ईडी ने जब्त किया है। फिलहाल ईडी आगे की कार्रवाई में जुटी है।
ईडी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार..पटना ज़ोनल कार्यालय, डायरेक्टरेट ऑफ एन्फोर्समेंट (ED) ने अचल संपत्ति (बिहार और दिल्ली में फ्लैट और जमीन सहित) और चल संपत्ति (बैंक बैलेंस, सोना-चांदी के गहने, और बीमा पॉलिसी में निवेश सहित) कुल लगभग 2.85 करोड़ रुपये की अस्थायी जब्ती की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग प्रतिबंध अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है। ये संपत्तियां प्रभांशु शेखर, जो उस समय नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), पटना, बिहार में उप महाप्रबंधक (DGM) थे, द्वारा अपनी और अपने परिवार के नाम पर भ्रष्ट आचरण के माध्यम से अर्जित की गई थीं।
ईडी ने यह जांच CBI और पटना एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा दर्ज FIR और उसमें दायर चार्जशीट के आधार पर शुरू की थी। आरोप है कि प्रभांशु शेखर ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 और भारतीय दंड संहिता, 1860 की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया। CBI चार्जशीट संख्या 24/2023, दिनांक 22.12.2023 के अनुसार, जांच अवधि 01.01.2016 से 23.09.2022 के बीच प्रभांशु शेखर ने अपने और अपने परिवार के नाम पर लगभग 4.07 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति अर्जित की।
PMLA के तहत ED की जांच में पता चला कि प्रभांशु शेखर ने बिहार में DGM, NHAI के रूप में कार्यकाल के दौरान भ्रष्ट प्रथाओं में संलिप्त रहते हुए फर्जी बिलों को क्लियर करना, माप पुस्तकों में हेरफेर करना और M/s अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड द्वारा उप-मानक निर्माण सामग्री के उपयोग को अनदेखा करना शामिल किया। इससे महत्वपूर्ण अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime – POC) उत्पन्न हुआ।
इन POC का हिस्सा सीधे उनके परिवार के खातों में जमा किया गया और कुछ दैनिक खर्चों में उपयोग किया गया। इसके अलावा नकदी को पत्नी के नाम पर अचल संपत्ति में और खुद और परिवार के नाम पर बीमा पॉलिसी, सोना और चांदी के गहनों जैसी चल संपत्तियों में निवेश किया गया। जांच अभी भी प्रगति पर है।