1st Bihar Published by: Updated Oct 06, 2022, 7:19:53 PM
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DESK: बिहार में होने वाले नगर निकाय चुनाव में 20 प्रतिशत सीट अतिपिछड़ों के लिए बिहार सरकार ने आरक्षित किया था। जिस पर आपत्ति जताते हुए पटना हाईकोर्ट ने यह कहा था कि बिहार सरकार ने संवैधानिक प्रक्रिया का अनुपालन नहीं किया है। इसके विरुद्ध फैसला देते हुए पटना हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर रोक लगा दी।
पटना हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि बिहार सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किया है। ऐसी परिस्थिति में अतिपिछड़ा वर्ग को जो भी राजनीतिक भागीदारी निकाय चुनाव में मिलती थी उससे उन्हें वंचित कर दिया गया। ऐसे में अतिपिछड़ा वर्ग को कठोर संघर्ष करके चुनाव में जीत कर जाना होगा। उच्च न्यायालय के इस फैसले से अतिपिछड़ा समाज का राजनीति में थोड़ी पहुंच बनी थी वो भी समाप्त कर दिया गया।
अतिपिछड़ा वर्ग की इस समस्या को आम जनता पार्टी राष्ट्रीय ने गंभीरता से लिया। आम जनता पार्टी राष्ट्रीय आगामी 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से 3 बजे तक पटना स्थित पार्टी दफ्तर में एक अहम बैठक करने जा रही है। आम जनता पार्टी राष्ट्रीय इस बैठक आगे की रणनीति तय करेगी।
फर्स्ट बिहार से बातचीत करते हुए विद्यापति चंद्रवंशी ने कहा कि जो कमियां रह गयी है उस दिशा में सरकार को काम करना चाहिए। अतिपिछड़ा समाज काफी पिछड़ा हुआ है। इसकी स्थिति काफी खराब है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट जाने से बेहतर होगा कि सरकार अतिपिछड़ी जातियों को 20 प्रतिशत आरक्षण बहाल करे।