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आरक्षण खत्म करना चाह रही बीजेपी, बोले ललन सिंह.. BJP का कंट्रोल टावर RSS के पास

1st Bihar Published by: Updated Fri, 14 Oct 2022 05:06:40 PM IST

आरक्षण खत्म करना चाह रही बीजेपी, बोले ललन सिंह.. BJP का कंट्रोल टावर RSS के पास

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PATNA : बिहार में निकाय चुनाव के बाद जेडीयू और बीजेपी के बीच खुद को अतिपिछड़ों का सबसे बड़ा हिमायती बताने की होड़ मच गई है। एक तरह जहां बीजेपी आरोप लगा रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जिद के कारण बिहार में निकाय चुनाव नहीं हो सका वहीं दूसरी तरफ जेडीयू लगातार बीजेपी को आरक्षण विरोधी बता रही है। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि बीजेपी आरएसएस से गाइड होती है और आरएसएस लंबे समय से आरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाता रहा है। उन्होंने बीजेपी पर एक साजिश के तहत निकाय चुनाव रुकवाने का आरोप लगाया। वहीं ललन सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर बरसे और कहा कि नरेंद्र मोदी बहरूपिया से भी अधिक रूप बदलते हैं।


ललन सिंह ने कहा है कि बीजेपी को आरआरएस गाइड करता है। आरएसएस के जो लोग बीजेपी को गाइड कर रहे हैं वहां से यह बात उठी कि आरक्षण व्यवस्था पर विचार करने की जरूरत है। ललन सिंह ने कहा कि पूरे देश में सिर्फ बिहार में अति पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया गया है। बिहार में पहली बार कर्पूरी ठाकुर ने 1978 में अतिपिछड़ा वर्ग को चिन्हित किया और राज्य सरकार की नौकरियों में आरक्षण देने का काम किया। 2005 में जब नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने कर्पूरी ठाकुर के सपनों को आगे बढ़ाने का काम किया और कर्पूरी ठाकुर के सपनों को धरातल पर उतारा।


उन्होंने कहा कि जब कर्पूरी ठाकुर ने सरकारी नौकरियों ने अतिपिछड़ों को आरक्षण दिया तो उस समय जब बीजेपी जनसंघ हुआ करती थी, उसने अतिपिछड़ों के आरक्षण विरोध करते हुए कर्पूरी ठाकुर की सरकार से समर्थन वापस लेकर उनको मुख्यमंत्री के पद से हटाने का काम किया। बीजेपी के लोगों को कही से भी आरक्षण से कुछ लेना देना नहीं है। 2005 में मुख्यमंत्री बनते ही नीतीश कुमार ने पहला फैसला किया और अतिपिछड़ा क पंचायती राज व्यवस्था में 20 फीसदी का आरक्षण दिया। 2007 में बिहार सरकार ने नगर निकाय चुनाव में भी अतिपिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया। इसका मुकदमा हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक चला। उस कानून पर सभी जगह से मुहर लगने के बाद तीन चुनाव हुए लेकिन जब नगर निकाय का चौथा चुनाव होने वाला था तो बीजेपी ने साजिश कर चुनाव को रोकवाने का काम किया।


ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी आरक्षण विरोधी है। 2015 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि अरक्षण व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है। इस दौरान ललन सिंह ने पीएम मोदी पर भी जमकर हमला बोला । उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से जो वादा किया था उसे पूरा नहीं किया। जिस तरह से बहरूपिया 12 दिन में 12 रूप धरता है लेकिन उससे भी तेज गति से नरेंद्र मोदी रूप बदलते हैं।