1st Bihar Published by: Updated Oct 21, 2022, 7:30:56 PM
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PATNA: बिहार में अतिपिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर सत्ताधारी दल जेडीयू और विपक्ष की भूमिका निभा रही बीजेपी के बीच खुद को अतिपिछड़ा का सबसे बड़ा हितैषी बताने की होड़ थमने का नाम नहीं ले रही है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बीजेपी को आरक्षण विरोध बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अतिपिछड़ों की हकमारी करने के लिए साजिश रचने का काम कर रही है। बिहार में अतिपिछड़ा आयोग के गठन होने से बीजेपी नेताओं की बेचैनी बढ़ गई है।
विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि नगर निकायों में अति पिछड़ों के आरक्षण का मामला जब भी सुलझता नजर आता है, तब बीजेपी के नेताओं की बेचैनी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बिना अतिपिछड़ों के आरक्षण के सरकार चुनाव नहीं कराएगी। बिहार सरकार ने अतिपिछड़ा आयोग का गठन कर दिया है। हाई कोर्ट ने भी सरकार के इस कदम पर अपनी सहमति देते हुए इसके बाद चुनाव कराने की अनुमति दे दी है।
उन्होंने कहा कि अब बीजेपी के नेता इस बात से बेचैन हैं कि आयोग का अध्यक्ष आरजेडी से क्यों नहीं बनाया गया। बीजेपी नेता आयोग के अध्यक्ष का पद आरजेडी को देने का सुझाव दे रहे हैं, तो बीजेपी के दूसरे नेता राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को सदस्य बनाने का विरोध कर रहे हैं। जब इस आयोग के सदस्य बीजेपी से जुड़े ब्रजकिशोर बिंद और अर्जुन सहनी जैसे लोग थे, तब उन्हें अच्छा लगता था लेकिन आज जब अतिपिछड़ों का हक सुरक्षित होता दिख रहा है तो बीजेपी नेता बदहवासी में अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं।