1st Bihar Published by: Updated Wed, 09 Mar 2022 11:17:15 AM IST
- फ़ोटो
PATNA : बजट सत्र के आठवें दिन आज विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के पहले सदन के बाहर कांग्रेस और राजद के विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर नीतीश सरकार को घेरा. कांग्रेस ने 19 लाख रोजगार देने के मुद्दे पर सरकार से सवाल किया है. कांग्रेस विधायक ने कहा कि इस सरकार से हमें कोई आशा तो नहीं थी लेकिन चुनाव से पहले जेडीयू और भाजपा ने जिस तरह अपने घोषणापत्र में 9 लाख रोजगार प्रतिवर्ष देने की बात कही थी.
अब उस हिसाब से अब सरकार के डेढ़ वर्ष पूरा होने को है अब सरकार को साढ़े 28 लाख नौकरियों का जवाब देना होगा. और जो नौजवान बेरोजगार सड़कों पर घूम रहा है, उसके रोजगार का क्या हुआ सरकार जो श्वेत पत्र जारी करना चाहिए. प्राइवेट की बात सरती है सरकारी नौकरी की बात करती है तो उसका हिसाब दे अब तक किस सेक्टर में कितनी नौकरी दी है.
कांग्रेस विधायक ने कहा कि अभी जो खाली सीटें हैं सरकार उसी को नहीं भर पा रही है और बात करती है प्राइवेट में रोजगार देने की. आज प्राइवेट में 4-5 हजार की नौकरी युवा कर रहा है उसे आब रोजगार कहते हैं, जिसमें खाना जीना भी मुश्किल से हो पा रहा है. 5 हजार रुपये तो डेली मजदूरी एक्ट लेबर लॉ के भी खिलाफ है. यह सरकार बिहार के नौजवानों को ठगने का काम कर रही है.
वहीं राजद ने आज स्वास्थ्य महकमे को लेकर प्रदर्शन किया. दवा, सीएम रिलीफ फंड में बड़े घोटाले का मामला उठाया. घोटाले की जांच की मांग की है साथ ही स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है. जो रोगी कल्याण में करोड़ों रुपये का लीपापोती हुई है. बिहार के सबसे बड़े अस्पताल में घोटाले को लेकर मंगल पांडेय के इस्तीफे की मांग की जा रही है. राजद ने कहा कि यह मुद्दा वह सदन के अंदर भी उठाएंगे.
राजद विधायक रामवृक्ष सदा ने कहा कि एक तरफ सरकार गरीबों के कल्याण की बात करती है और दूसरी तरफ उनके इलाज के लिए जो राशि आती है, उसमें घोटाला हो रहा है. पता नहीं स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे हैं. ऐसे लापरवाह स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. मुख्यमंत्री से इसकी जांच कराने की मांग कराने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग करेंगे. वहीं, राजद की महिला विधायक रेखा देवी ने कहा कि रोगी कल्याण समिति के पैसे का घोटाला हुआ है. उसको लेकर हमलोग आवाज उठा रहे हैं. जब तक मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री को नहीं हटायेंगे, तब तक हमलोग ऐसे ही सदन में हंगामा करेंगे. सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी होगी.