1st Bihar Published by: Updated Oct 21, 2022, 11:01:17 AM
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PATNA : बिहार के डीजीपी एसके सिंघल फर्जी कॉल मामले में घिरते जा रहे हैं। विपक्ष ने फर्जी कॉल मामले को बड़ा मुद्दा बना डीजीपी और बिहार सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही है। भाजपा का आरोप है कि डीजीपी की भूमिका संदिग्ध है। ऐसे में बिहार की ईओयू निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। इस कारण इस पूरे मामले की जांच के लिए सीबीआई के हवाले किया जाये। इसके बाद अब इस मामले में सवाल करने पर डीजीपी ने जवाब तो दिया, लेकिन वह हल्का भड़के हुए भी नजर आए।
दरअसल, शुक्रवार को बिहार के डीजीपी एसके सिंघल से इस पुरे प्रकरण को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि यह मामला बहुत ही गंभीर मामला है। इसका अनुसंधान चल रहा है। डीजीपी ने कहा कि मैं सभी लोगों यह सुझाव दूंगा कि अंदाजे पर बात बिल्कुल न करें इसका अनुसंधान हो जाने दीजिए उसके बाद बिल्कुल सही समय पर एक - एक चीज के बारें में बतायूंगा। वहीं , इसके आलावा पत्रकार ने उनसे जब यह सवाल किया कि आपको क्या लगता है तो डीजीपी भड़क गए और उन्होंने कहा कि मैं बार - बार कहता हूँ कि आपलोग अंदाजा न लगाएं।
इसके आगे उन्होंने कहा कि वैसे भी हमलोग अपने सबूतों को जुटा कर काम करेंगे। इसके आलावा जब उनसे यह सवाल किया गया कि इस पुरे मामले को विपक्ष ने मुद्दा बना रही है तो उन्होंने कहा कि मुझे इन सब चीज़ों की कोई भी जानकारी है। हमलोगों को राजनीति में पढ़ना ही नहीं है। हमलोग अफसर हैं और मैं जब यह कहा रहा हूँ कि यह मामला बेहद ही संवेदनशील मामला है। हमारी जो जांच एजेंसी है वह अपना काम कर रही है।
गौरतलब हो कि, गया के पूर्व एसएसएसपी आदित्य कुमार को निलंबित किए जाने के एक दिन बाद, पटना हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ वकील ने डीजीपी एसके सिंघल के खिलाफ एक याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की। वकील मणि भूषण प्रताप सिंह ने हाई प्रोफाइल मामले की जांच की मांग को लेकर शीर्ष अदालत में एक रिट याचिका दायर की। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजीपी रैंक के एक अधिकारी की इस हरकत ने पूरी न्यायपालिका की छवि खराब की है। जिसके बाद इस पुरे मामले को लेकर विपक्ष सवाल उठाना शुरू कर दिया है।