1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 09, 2024, 6:13:11 PM
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DESK: बीते दिनों बिहार के जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र में घूम रहे एक फर्जी आईपीएस अफसर मिथिलेश मांझी को पुलिस ने पकड़ा था। तब यह खबर खुब सुर्खियां बनी थी। मिथिलेश ने फर्जी आईपीएस की वर्दी सिलवाकर पहन रखी थी और इलाके में नकली पिस्टल लगाकर धौंस जमाने के उद्धेश्य से घूम रहा था। एक तो उसकी उम्र कम थी ऊपर से उसने जिस तरह से वर्दी पहन रखी थी उसे देखकर ही सभी को शक हो गया। जिसके बाद उसे पकड़ा गया था। तब बांड भरवार कर पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के देवरिया में सामने आया है। जहां फर्जी महिला दारोगा का खुलासा हुआ है। जो वर्दी पहनकर 8 साल से भौकाल बना रही थी तभी बाजार में तैनात पुलिस कर्मियों ने वर्दी पहने महिला दारोगा को बाइक पर देखा तो शक हुआ। तब बाइक रोककर जब पूछताछ की तब पूरा भेद ही खुल गया। जिसके बाद पुलिस ने फर्जी महिला दरोगा को हिरासत में लिया।
बताया जाता है कि फर्जी महिला दरोगा पिछले 8 साल से खाकी वर्दी पहनकर भौकाल बनाती थी। देवरिया की खामपार थाने की पुलिस ने भिंगारी बाजार से फर्जी महिला दारोगा को तब पकड़ा जब वह एक युवक के साथ बाइक पर बैठकर कहीं जा रही थी। उस वक्त वो वर्दी में थी। फर्जी महिला दरोगा के हावभाव को देख वहां मौजूद पुलिस कर्मियों को शक हुआ जिसके बाद जब उससे पूछताछ की गयी तब उसकी हकीकत सबके सामने आ गयी।
फर्जी महिला दारोगा और युवक को पुलिस ने हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तब महिला ने पुलिस को बताया कि वह खामपार थाना क्षेत्र की रहने वाली है। पिछले 8 साल से वर्दी पहनकर भौकाल टाइट करती आ रही है। सरकारी वर्दी के दुरुपयोग का केस दर्ज कर पुलिस ने महिला से बांड भरवार कर छोड़ दिया। महिला की पहचान खामपार थाना क्षेत्र के निशनिया पैकौली की रहने वाली प्रभुनाथ दुबे की पत्नी रजनी दुबे के रूप में हुई है। वह पिछले कई वर्षो से पुलिस की वर्दी पहनकर फर्जी दारोगा बनकर काम कर रही थी।