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गब्बू सिंह के यहां छापेमारी से केवल JDU के बड़े नेताओं की नींद ही नहीं उड़ी, एक दर्जन आईएएस–आईपीएस भी बेचैन

1st Bihar Published by: Updated Sun, 16 Oct 2022 07:52:28 AM IST

गब्बू सिंह के यहां छापेमारी से केवल JDU के बड़े नेताओं की नींद ही नहीं उड़ी, एक दर्जन आईएएस–आईपीएस भी बेचैन

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PATNA : बिहार के बहुचर्चित बिल्डर गब्बू सिंह के ठिकानों पर पिछले दो दिनों से आयकर विभाग की छापेमारी चल रही है। आयकर विभाग ने शुक्रवार की सुबह गब्बू सिंह के अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी और शनिवार तक के यह छापेमारी जारी रही। रविवार की सुबह तक कोई नया अपडेट तो सामने नहीं आया लेकिन आयकर विभाग ने छापेमारी से जुड़ी कोई अधिकारिक जानकारी अब तक के साझा नहीं की है ।


सूत्रों के हवाले से जो खबरें लगातार सामने आ रही हैं उसके मुताबिक गब्बू सिंह के ऊपर आयकर विभाग में पूरी तैयारी के साथ हाथ डाला। दरअसल आयकर विभाग ने झारखंड की एक बड़ी कंपनी के साथ गब्बू सिंह की कंपनी गोविंदा कंस्ट्रक्शन के कनेक्शन को लेकर ही तार जोड़ने शुरू किए। 



बिहार में झारखंड की इस बड़ी कंपनी को बड़े पैमाने पर सरकारी काम मिला है और यह सारा खेल सत्ता में बैठे नेताओं के जरिए ही खेला जा रहा था। गब्बू सिंह के यहां आयकर विभाग की छापेमारी से ना केवल जेडीयू के बड़े नेताओं की नींद उड़ी हुई है बल्कि बिहार से ताल्लुक रखने वाले दर्जनभर आईएएस और आईपीएस भी करवटें बदल रहे हैं।


नेताओं की उड़ी नींद


बिल्डर गब्बू सिंह और उनके सहयोगी ठेकेदारों के यहां छापेमारी के बाद जेडीयू के नेता भले ही सहज रखने का प्रयास कर रहे हो लेकिन अंदर की खबर यह है कि आयकर विभाग की छापेमारी के बाद इन नेताओं की नींद उड़ी हुई है। नेता लगातार अपने-अपने स्तर से यह जानकारी इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं कि आयकर विभाग के हाथ आखिर क्या कुछ लगा है? हालांकि ठोस जानकारी किसी के पास नहीं पहुंच रही।


हम आपको बता दें कि गब्बू सिंह को जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का बेहद खास खास माना जाता है। इस मामले पर शनिवार को ही प्रतिक्रिया ली गई थी। जेडीयू अध्यक्ष ने कहा था कि करीबी होना क्या होता है? जेडीयू से जुड़े कई मंत्रियों और अन्य नेताओं के गब्बर सिंह से करीबी रिश्ते रहे हैं। यही वजह है कि इन नेताओं की नींद उड़ी हुई है गब्बू सिंह ने जो बिजनेस एंपायर खड़ा कर रखा था इसमें जेडीयू नेताओं की सहभागिता के स्तर पर थी, आयकर विभाग अब इस नजरिए से भी जांच आगे बढ़ा रहा है।


आईएएस और आईपीएस का कनेक्शन


इस बात की भी लगातार चर्चा हो रही है कि आयकर विभाग के साथ-साथ छापेमारी में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की भी एंट्री हो चुकी है, हालांकि इस से लेकर कोई अधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। ऐसा कम देखने को मिलता है कि इतनी बड़ी छापेमारी के बावजूद केंद्रीय एजेंसियों ने कोई जानकारी आधिकारिक तौर पर साझा ना की हो। ऐसे में यह कयास भी लगाया जा रहा है कि शायद इन एजेंसियों को किसी बड़े कनेक्शन और बड़े खेल की जानकारी मिली है। 


चर्चा है कि गब्बू सिंह की कंपनी के जरिए कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों ने निवेश किया और आईपीएस अधिकारियों से गब्बू सिंह के करीबी रिश्ते रहे हैं। खास तौर पर बिहार के टॉप लेवल के आईपीएस अधिकारियों के साथ जुड़े बताए जा रहे हैं। इन अधिकारियों के ट्रांसफर उद्योग के भी तार जोड़े जा रहे हैं। इतना ही नहीं कई अधिकारियों को फ्लैट और रहने के लिए मकान भी मुहैया कराए जाने की जानकारी मिली है। 


इस सबको लेकर आईएएस–आईपीएस लॉबी के बीच भी हड़कंप की स्थिति है। कई विभागों के प्रमुख आईएएस अधिकारी गब्बू सिंह के साथ इस कदर जुड़े हुए थे कि विभाग में चुपकी बजते ही बिल्डर से जुड़े लोगों का काम हो जाता था। इस पूरे खेल को लेकर भी एजेंसी सबूत जुटा रही है। बिहार से बाहर बड़े पैमाने पर इन आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के द्वारा निवेश के डॉक्यूमेंट मिलने की भी खबर है।