1st Bihar Published by: Updated Mar 21, 2022, 1:34:49 PM
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PATNA : होली और उसके आसपास बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में अब सरकार को जवाब नहीं सूझ रहा है. सरकार इन मौतों को लेकर बैकफुट पर तो जरूर है लेकिन सरकार के मंत्री इन मौतों पर अजीबोगरीब दलील दे रहे हैं. सरकार के मंत्री और जेडीयू नेता अशोक चौधरी ने जहरीली शराब से मौत के मामले पर ऐसे ही दलील पेश की है.
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि जिन राज्यों में शराब चालू है वहां भी जहरीली शराब पीने से लोगों की मौतें होती रहती हैं. बिहार में शराबबंदी से इसे जोड़ना ठीक नहीं है. अशोक चौधरी ने कहा है कि बिहार में शराबबंदी एक अच्छा कदम है. इसके बावजूद मीडिया बार बार जहरीली शराब से मौत को शराबबंदी से जोड़ देता है.
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि जिन लोगों की मौत हुई है उसकी जांच हो रही है और तब तक इसे जहरीली शराब से हुई मौत मानना या कहना ठीक नहीं होगा. अशोक चौधरी ने कहा है कि देश में रेप और मर्डर जैसे कृत्य पर भी रोक है लेकिन इसके बावजूद घटनाएं होती हैं. शराब बनाने वाले भी नहीं जानते कि वह जो शराब बना रहे हैं वह प्रोडक्शन के समय ही जहरीला हो गया है. लेकिन इसके बावजूद लोग शराब पीते हैं और फिर मौत हो जाती है.
मंत्री अशोक चौधरी ने कहा है कि जब सरकार शराब बंदी लागू कर चुकी है और शराब को लेकर इतनी सख्ती है तो लोग शराब क्यों पी रहे हैं. लोगों को यह समझना चाहिए कि जहरीली शराब पीने से उनकी जान जा सकती है. शराबबंदी कानून में बदलाव को लेकर पूछे जाने पर अशोक चौधरी ने कहा है कि हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक में अब बात सामने आ चुकी है कि शराबबंदी कानून की वजह से न्यायपालिका पर दबाव बढ़ा है. ऐसे में इसमें बदलाव किए जाने का प्रयास हो रहा है.