‘दम है तो सदन में जातीय गणना के पंचायत वार आंकड़े पेश करे सरकार’ शीतकालीन सत्र से पहले सुशील मोदी की बड़ी चुनौती

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Nov 05, 2023, 7:40:03 PM

‘दम है तो सदन में जातीय गणना के पंचायत वार आंकड़े पेश करे सरकार’ शीतकालीन सत्र से पहले सुशील मोदी की बड़ी चुनौती

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PATNA: सोमवार से बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है। पांच दिवसीय सत्र के दौरान सरकार जातीय गणना के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराएगी। शीतकालीन सत्र से पहले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने बड़ी मांग कर दी है। सुशील मोदी ने कहा है कि सरकार में अगर हिम्मत है तो वह वह शहरों के वार्ड-वार और गांवों के पंचायत-वार जातीय आंकड़े विधानसभा में पेश करे।


सुशील मोदी ने कहा कि राज्य में जातीय सर्वे के नाम पर अतिपिछड़ों की हकमारी की गई और सरकार-समर्थक समूहों की संख्या वास्तविकता से बहुत अधिक दिखाई गई। यदि नीतीश सरकार में हिम्मत है तो वह शहरों के वार्ड-वार और गांवों के पंचायत-वार जातीय आंकड़े तुरंत विधानसभा में पेश करे। उन्होंने कहा कि जातीय सर्वे में एक जाति विशेष और एक अल्पसंखयक वर्ग की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का गृहमंत्री अमित शाह का आरोप सही है। 


उन्होंने कहा कि वैश्य, धानुक, नोनिया, चंद्रवंशी, निषाद सहित दो दर्जन से अधिक जातियां सर्वे रिपोर्ट आने के बाद अपमानित और छला हुआ महसूस कर रही हैं। कई अतिपिछड़ी जातियां धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध प्रकट कर चुकी हैं। अगर सर्वे में गड़बड़ी नहीं होती तो अतिपिछड़ी जातियों की आबादी 36 फीसद से ज्यादा होती। उन्होंने कहा कि यदि वार्ड और पंचायत के जातीय आंकड़े सामने आयें, तो हम सब-कुछ प्रमाणित कर देंगे।