1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 08, 2023, 2:27:53 PM
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PATNA : देश में आगामी साल लोकसभा का चुनाव होना है। इसको लेकर देश की तमाम राजनीतिक दल अभी से ही तैयारी में जुट गई है। इस बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से अलग होकर राष्ट्रीय लोक जनता दल (रालोजद) नाम से नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने बड़ा फैसला लिया है। इन्होंने आगामी 9 अप्रैल (रविवार) को पटना में अहम बैठक बुलाई गई है।
दरअसल, रालोजद के प्रदेश प्रवक्ता और महासचिव ने बताया कि, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने आगामी 9 अप्रैल को राजधानी पटना में एक बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य के सभी 38 जिलों के पार्टी के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया है। इसमें कार्यकर्ताओं के लिए एक मॉडल पेश करेंगे। प्रशिक्षण की तैयारी और तारीख तय करने के लिए 9 अप्रैल को पटना में सभी लोगों को बुलाया गया होगा।
बताया जा रहा है कि, इस बैठक में 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर की जयंती और 23 अप्रैल को बाबू वीर कुंवर सिंह जी की जयंती पर समारोह आयोजित करने को लेकर भी चर्चा होगी। इसके आलावा आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी। इस बैठक को लेकर कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि उपेंद्र कुशवाहा आगामी आम चुनाव से पहले बीजेपी के साथ गठबंधन कर सकते हैं।
आपको बताते चलें कि, उपेंद्र कुशवाहा द्वारा नई पार्टी बनाने के बाद यह तय हो गया है कि वे आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की कुर्मी-कोइरी वोटरों पर अच्छी पकड़ है, जिसे बिहार में लव-कुश समीकरण कहा जाता है। हालांकि, ये मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के ये कोर वोटर हैं। अब कुशवाहा जेडीयू से अलग हो गए हैं और आगामी चुनावों में उनकी पार्टी रालोजद नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खिलाफ चुनाव लड़ेगी। ऐसे में महागठबंधन के वोटों में सेंधमारी होना तय है।