1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 20, 2023, 9:31:01 PM
- फ़ोटो
PATNA: एक ओर जहां बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हिन्दी भाषा का प्रयोग करने पर बल दे रहे हैं। तो वही मेघालय में हिन्दी में भाषण देने पर विपक्षी दल राज्यपाल फागू चौहान का सदन में विरोध करने में लगे। विपक्षी दल का कहना था कि हिन्दी नहीं बल्कि अंग्रेजी हमारी आधिकारिक भाषा है इसलिए महामहिम को अंग्रेजी में भाषण देना चाहिए।
बता दें कि बिहार विधान परिषद में आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अंग्रेजी में लिखे डिस्पले बोर्ड को देखकर हत्थे से उखड़ गये। सभापति से कहने लगे की एकदम हिन्दी को खत्मे कर दीजियेगा क्या? इससे पहले किसानों के सम्मेलन में एक किसान के अंग्रेजी बोलने पर भी वे गर्म हुए थे। इस दौरान वे हिन्दी पर बल देते दिखे। राष्ट्रभाषा हिन्दी पर विशेष जोर देने की बात कही थी। वही मेघायल के राज्यपाल फागू चौहान को सदन में हिन्दी बोलने पर जमकर हंगामा हुआ।
महामहिम ने जैसे ही राष्ट्रभाषा हिन्दी में भाषण शुरू किया। विपक्षी दल वीपीपी सदन में विरोध करने लगे। कहने लगे की हिन्दी आधिकारिक भाषा नहीं हैं। अंग्रेजी आधिकारिक भाषा है। हिन्दी में अभिभाषण देने के कारण वीपीपी के अध्यक्ष आर्डेंट समेत 4 विधायकों ने वॉकआउट करते हुए कहा कि मेघालय में हिन्दी भाषी राज्यपाल भेजे जाते हैं। राज्यपाल क्या कह रहे थे वही हमें समझ में नहीं आया।
जब उनकी बात समझ में नहीं आई तब हमलोगों ने सदन से वॉकआउट किया। विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए संगमा और सीएम कोनराड के संगमा ने मामले पर हस्तक्षेप करते हुए यह कहा कि राज्यपाल का अनुवाद किया हुआ अभिभाषण वितरित किया गया है क्योंकि अंग्रेजी में उनके पढ़ने की कुछ सीमाएं हैं। सोमवार को मेघालय विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। राज्यपाल फागू चौहान जैसे ही हिन्दी में भाषण देने लगे विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।