ब्रेकिंग न्यूज़

सड़क परिवहन मंत्रालय के इस आदेश से बंद होगी Toll Plaza पर मनमानी, यात्रियों में ख़ुशी की लहर Bihar Weather: बिहार में कल से बारिश का प्रकोप, आज कई जिलों के लिए अलर्ट जारी मधुबनी में मुखिया के घर पर 3 दर्जन बदमाशों ने किया हमला, ग्रामीणों ने 6 को दबोचा, मोबाइल और बाइक बरामद Sushant Singh Rajput के साथ यह फिल्म बनाना चाहते थे अनुराग कश्यप, कहा "अब होता है पछतावा.." Sarkari Naukri: बिहार के युवाओं के पास सरकारी नौकरी पाने का बढ़िया मौका, 218 पदों पर इस दिन से आवेदन प्रक्रिया शुरू; सैलरी 1,31,000 तक ट्रोलर्स के टारगेट पर होते हैं ज्यादातर मुस्लिम क्रिकेटर्स? Mohammed Shami ने किया खुलासा.. पूर्णिया में ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, गुस्साए परिजनों ने किया जमकर हंगामा, कार्रवाई की मांग ISM पटना में खेल सप्ताह का शुभारंभ, 'Pinnacle' में 25 टीमें ले रही हैं भाग कटिहार के बरारी में NDA का शक्ति प्रदर्शन, विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ता सम्मेलन में जुटे सभी घटक दलों के दिग्गज PURNEA: बेलगाम ट्रक ने 12 साल के छात्र को कुचला, मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम हंगामा

निकाय चुनाव रद्द होने पर JVP का बड़ा हमला, कहा- अतिपिछड़ा विरोधी है केंद्र और राज्य सरकार

1st Bihar Published by: Updated Tue, 11 Oct 2022 07:11:50 PM IST

निकाय चुनाव रद्द होने पर JVP का बड़ा हमला, कहा- अतिपिछड़ा विरोधी है केंद्र और राज्य सरकार

- फ़ोटो

PATNA : जनतांत्रिक विकास पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल कुमार ने नगर निकाय चुनाव रद्द होने को लेकर सरकार पर हमला बोला है। अनिल कुमार ने कहा है कि केंद्र और बिहार की सरकार आरक्षण विरोधी है। दोनों ही सरकारें अति पिछड़ों को उनका हक नहीं देना चाहती हैं। इसलिए लगातार अतिपिछड़ों को बाबा साहब के संविधान से मिलने वाले आरक्षण के हक को एक सुनियोजित साजिश के तहत कम किया जा रहा है। 


अनिल कुमार ने कहा है कि दोनों सरकारों को सिर्फ वोट से मतलब है और दोनों सरकारें समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों का सिर्फ इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने नगर निकाय चुनाव रद्द होने के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए इस चुनाव में शामिल हो रहे उम्मीदवारों के नुकसान की भरपाई की मांग राज्य सरकार से की है। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव में अति पिछड़ों के आरक्षण के मामले को किसी भी राजनीतिक दल ने तब नहीं उठाया, जब बिना सुधार चुनावों की घोषणा की गई थी। लेकिन सर्वोच्च नयायालय द्वारा इस मामले में निर्णय लेने के बाद आज सभी राजनीतिक दल एक बार फिर से अति पिछड़ों के हितैषी बनने के होड में शामिल हो गए हैं।


उन्होंने कहा कि राज्य या केंद्र सरकारें अति पिछड़ों को आरक्षण नहीं देना चाहती हैं, सिर्फ उनके हित में बात करने का दिखावा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारें अगर अति पिछड़ों की हितैषी हैं, तो अति पिछड़ों को आरक्षण देकर चुनाव को करवाएं। उन्होंने कहा कि नगर निकाय चुनाव स्थगित होने से प्रत्याशियों का काफी नुकसान हुआ है और उसकी भरपाई राज्य सरकार करें।